November 21, 2017

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झारड़ा तथा बड़नगर बीएमओ को शोकॉज नोटिस, प्रसूति सहायता लम्बित रखने पर कलेक्टर ने दिखाये सख्त तेवर, स्वास्थ्य विभाग को कार्य प्रणाली सुधारने अन्यथा कार्यवाही के लिये तैयार रहने को कहा

उज्जैन 31 अगस्त। चरक भवन अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग के अमले की ढीली-ढाली कार्य प्रणाली के विरूद्ध सख्त तेवर दिखाते हुए कई अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही के निर्देश दिये। कलेक्टर ने विभाग को कार्य प्रणाली में सुधार लाने की सख्ती से ताकीद की। उन्होंने कहा कि यदि सुधार नहीं आया तो आगामी दिनों में सख्त कार्यवाही के लिये तैयार रहें। बैठक में झारड़ा तथा बड़नगर बीएमओ को प्रसूति सहायता लम्बे समय से लम्बित रखने पर शोकॉज नोटिस के निर्देश कलेक्टर ने दिये। माकड़ोन के चिकित्सक का स्थानान्तरण खाचरौद करने के निर्देश भी दिये गये। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी के अलावा खण्ड चिकित्सा अधिकारी तथा अन्य अमला उपस्थित था।

बैठक में कलेक्टर द्वारा जिले के सभी संस्थागत प्रसव केन्द्रों पर लाड़ली लक्ष्मी डैस्क बनाने के निर्देश दिये गये। कन्या की पैदाइश पर ही इस डैस्क द्वारा उसका लाड़ली लक्ष्मी योजना में पंजीयन कर दिया जायेगा। महिलाओं को प्रसूति सहायता योजना के तहत राशि वितरण में लम्बे समय से बढ़ती जा रही देरी पर कलेक्टर ने सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए तराना, बड़नगर तथा झारड़ा के खण्ड चिकित्सा अधिकारियों के विरूद्ध लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत प्रति प्रकरण 01-01 हजार रूपये जुर्माना वसूलने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने कहा कि काम में लापरवाही बरतने वाले विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को बख्शा नहीं जायेगा। बर्खास्तगी के साथ ही एफआईआर भी दर्ज करवाई जायेगी।

बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिये कि यदि जिले में किसी भी महिला की प्रसूति के दौरान मृत्यु होती है तो उसके लिये पूरा अमला जिम्मेदार होगा। ऐसी किसी भी घटना की आधे घंटे के भीतर कलेक्टर को एसएमएस के द्वारा तत्काल जानकारी प्रेषित की जाये, जिसमें सारे डिटेल्स हों। कलेक्टर ने डॉक्टर्स तथा अन्य अमले को मुख्यालय पर ही निवास करने की सख्ती से हिदायत देते हुए निर्देश दिये कि जिनके द्वारा अप-डाऊन किया जा रहा है, उनकी मोबाइल ट्रेकिंग की जाये। इससे लोकेशन का पता चल जायेगा। कलेक्टर ने कहा कि अप-डाऊन करने वालों को सेवा से बर्खास्त किया जायेगा। काम नहीं करने वालों के खिलाफ सीधे ‘एफआईआर’ दर्ज करवाई जायेगी।

पीसी एण्ड पीएनडीटी एक्ट के तहत की समीक्षा

कलेक्टर ने इसके पूर्व प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम तथा भ्रूण लिंग प्रतिषेध अधिनियम के तहत समीक्षा करते हुए इसका व्यापक प्रचार-प्रसार ग्रामीण क्षेत्रों में भी करने के निर्देश दिये। उन्होंने गांवों में सार्वजनिक स्थलों पर तथा वाल पेन्टिंग द्वारा इस सम्बन्ध में प्रचार-प्रसार करने को कहा। वॉल पेन्टिंग का भौतिक सत्यापन आशा कार्यकर्ता करेंगी। इसके अलावा बसस्टेण्ड, रेलवे स्टेशन, नदी घाटों पर भी भ्रूण लिंग परीक्षण के विरूद्ध स्लोगन अंकित करने के निर्देश दिये गये।

कलेक्टर ने बैठक में निर्देश दिये कि निजी नर्सिंग होम्स की इस सम्बन्ध में कड़ी मॉनीटरिंग की जाये। उनके डॉक्यूमेंट चैक किये जायें। आशा कार्यकर्ताओं का प्रधानमंत्री बीमा सुरक्षा योजनाओं में बीमा करवाने के निर्देश भी कलेक्टर ने दिये। स्वाइन फ्लू की बीमारी के मद्देनजर कलेक्टर द्वारा स्वास्थ्य अमले को पूर्ण सतर्कता बरतने की ताकीद की गई। उन्होंने कहा कि आगामी शीत के दिनों में स्वाइन फ्लू गंभीर हो सकता है। इसलिये इस दिशा में गंभीरता से कदम उठाये जायें। आमजन को जागरूक करते हुए स्वास्थ्य संस्थाओं में उपचार की समस्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। इस सम्बन्ध में एक वर्कशाप भी आयोजित की जाये।

प्रायवेट नर्सिंग होम में सेवा देने वाले शासकीय चिकित्सकों के विरूद्ध होगी एफआईआर

बैठक में कलेक्टर द्वारा यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि शासकीय चिकित्सक किसी भी स्थिति में प्रायवेट नर्सिंग होम में सेवाएं नहीं दें, अन्यथा उनके विरूद्ध पुलिस में एफआईआर करवाई जायेगी। उन्होंने इस सम्बन्ध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को विशेष रूप से ताकीद करते हुए चिकित्सकों से प्रमाण-पत्र लेने के निर्देश भी दिये।                              (फोटो संलग्न)

क्रमांक 2981                                              शकील खान (मो.नं.-9826632452)/जोशी