September 25, 2017

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विशेष पिछड़ी जनजाति संरक्षण के लिये तीन नये केन्द्र खुलेंगे

 

उज्जैन 07 सितम्बर। जनजातीय कार्य एवं अनुसूचित-जाति विकास विभाग मंत्री श्री लालसिंह आर्य ने जानकारी दी है कि प्रदेश में विशेष पिछड़ी जनजाति संस्कृति के संरक्षण के लिये डिण्डोरी, श्योपुर, छिन्दवाड़ा में नये केन्द्र बनाये जाएंगे। इसके लिये भारत सरकार ने 26 करोड़ 95 लाख रुपये की राशि मंजूर की है।

ड़ेढ़ साल में 12 हजार प्रकरण स्वीकृत

आदिम-जाति वित्त एवं विकास निगम के तहत मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना, मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना में पिछले डेढ़ साल में 12 हजार प्रकरण स्वीकृत किये गये हैं। राज्य अनुसूचित-जाति आयोग स्तर पर हर माह में दो बैंच लगती हैं। इन बैंचों में इस वित्तीय वर्ष में 71 प्रकरणों का निराकरण किया गया।

तपेदिक नियंत्रण के लिये जन-जागरूकता शिविर

राज्य मंत्री श्री आर्य ने सहरिया जाति के लोगों में तपेदिक नियंत्रण के लिये जन-जागरण कैम्प लगाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इसके लिये प्रभावितों को समाज के प्रमुख लोगों के माध्यम से जागरूक किया जाए। कैम्प में जन-प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जाए।

दिसम्बर में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होगा सम्मेलन

राज्य मंत्री श्री आर्य ने कहा कि दिसम्बर में होने वाले युवा उद्यमी सम्मेलन के पहले सभी अधिकारी तय समय-सीमा में लक्ष्य प्राप्त करें। इसमें लगभग 450 हितग्राहियों से मुख्यमंत्री सीधा संवाद करेंगे। उन्होंने कहा कि अच्छा कार्य करने वाले अधिकारियों को पुरस्कृत किया जायेगा। कर्तव्यों के प्रति लापरवाही परिलक्षित होने पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

सावित्री बाई फुले स्व-सहायता समूह योजना

श्री आर्य ने कहा कि हितग्राहियों के चयन में पारदर्शी प्रक्रिया का पालन करते हुए तय समय-सीमा में योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि किसी भी योजना में कोई समस्या आने पर वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत करवाएं। श्री आर्य ने सावित्री बाई फुले स्व-सहायता समूह योजना का लक्ष्य 15 दिन में पूरा करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी हितग्राहियों को ऋण प्रमाण-पत्र वितरण के समय स्थानीय जन-प्रतिनिधियों को आमंत्रित करें।

कौशल उन्नयन के लिये विशेष प्रयास

श्री आर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन प्रशिक्षण योजना, मुख्यमंत्री की अहम योजना है। युवाओं को कौशल उन्नयन प्रदान कर स्व-रोजगार से जोड़ने के लिये अधिक से अधिक प्रयास किये जाएँ। इसकी हर माह समीक्षा होगी। अधिकारियों को बेहतर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि हर जिले और संभाग में समय-समय पर समीक्षा बैठक की जाएगी।

राज्य मंत्री ने कहा कि योजना का लाभ कुछ लोगों तक ही सीमित नहीं हो। इसके लिये सभी योजनाओं का प्रिंट मीडिया एवं सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार करें। ऋण स्वीकृति के बाद स्थापित यूनिट का समय-समय पर भौतिक सत्यापन किया जाए। वसूली का काम भी समय पर हो।

क्रमांक 3057                         -*0*-         पंकज मित्तल(9301209255)/ललित