November 21, 2017

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राजस्व प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण हो,मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंस ली

 

उज्जैन 07 सितम्बर। मुख्य सचिव श्री बीपी सिंह ने आज गुरूवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस लेकर राजस्व के प्रकरणों के निराकरण की समीक्षा की एवं दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने प्रदेश के सभी कलेक्टर्स को कहा है कि राजस्व प्रकरण के निराकरण में यह ध्यान रखा जाये कि प्रकरणों का निराकरण गुणवत्तापूर्ण हो। उन्होंने बताया कि राजस्व विभाग के ढांचे को मजबूती प्रदान की जा रही है और शीघ्र ही विभिन्न पदों पर भर्ती की जायेगी।

मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि ऐसे बड़े लोगों पर कार्यवाही की जाना है जो डायवर्शन का आदेश लेकर बैठे हैं और शासन को राजस्व नहीं दे रहे हैं। एनआईसी कक्ष में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंस में संभागायुक्त श्री एमबी ओझा, अपर आयुक्त डॉ.अशोक कुमार भार्गव, कलेक्टर श्री संकेत भोंडवे, उपायुक्त राजस्व श्री पवन जैन, संयुक्त आयुक्त श्री प्रतीक सोनवलकर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री संदीप जीआर सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

सूखे एवं पेयजल से निपटने के उपाय अभी से प्रारम्भ किये जायें

प्रदेश में अल्पवर्षा के मद्देनजर मुख्य सचिव ने प्रदेश के सभी कलेक्टर एवं संभागायुक्त को निर्देश दिये हैं कि आने वाले समय में पेयजल संकट आना है। इसको लेकर अभी से तैयारी प्रारम्भ की जाये। उन्होंने कहा कि जहां भी संभव हो पानी रोकने का प्रयास किया जाये। स्टापडेम की कड़ी-शटर अभियान चलाकर बन्द की जायें। स्थान-स्थान पर बोरीबांध बनाकर बहते पानी को रोका जाये। इसी के साथ उन्होंने विभिन्न जलाशयों में उपलब्ध पानी केवल पेयजल के लिये आरक्षित करने के निर्देश दिये।

संभागायुक्त ने दिशा-निर्देश दिये

मुख्य सचिव की वीसी समाप्त होने के बाद संभागायुक्त श्री एमबी ओझा ने अधिकारियों की बैठक लेकर निर्देशित किया है कि वे किसानों को कम पानी की फसल बोने के लिये प्रेरित करें। नदी एवं जलाशय के आसपास के खेतों में सुनिश्चित किया जाये कि गेहूं के स्थान पर चना व सरसो की बोवनी हो। संभागायुक्त ने जल संसाधन विभाग एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के संभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे विभिन्न जिलों में पेयजल परिरक्षण अधिनियम के प्रस्ताव बनाकर कलेक्टर को भेजें। उन्होंने उज्जैन शहर के लिये गंभीर नदी के कैचमेंट एरिये में कम पानी की फसलें लगाने एवं पानी की चोरी को सख्ती से रोकने को कहा है। संभागायुक्त को बताया गया कि उज्जैन शहर में 70 हजार नल कनेक्शन अवैध हैं। उन्होंने अवैध कनेक्शनों को वैध करने के निर्देश दिये हैं।

संभागायुक्त ने शहरों के आसपास स्थित नलकूप, बावड़ियों, कुओं आदि को सूचीबद्ध करने के लिये कहा है, ताकि संकट के समय इनसे पानी लेकर वितरित किया जा सके। संभागायुक्त ने चना एवं सरसो के बीज की पर्याप्त व्यवस्था करने के लिये संयुक्त संचालक कृषि को निर्देशित किया है।

क्रमांक 3060                                     हरिशंकर शर्मा (मो.नं.-9424863313)/जोशी