November 21, 2017

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‘कैंसर का ज्ञान बचाये जान’

उज्जैन 08 सितम्बर। भारत में कैंसर रोग सार्वजनिक स्वास्थ्य की एक प्रमुख समस्या है। कैंसर के बारे में जागरूकता एवं शिक्षा देकर लाखों लोगों को मृत्यु से बचाया जा सकता है। शराब और तंबाकू के बुरे प्रभाव एवं कैंसर पैदा करने वाले पदार्थों के बारे में जानकारी होना आवश्यक है। कैंसर रोग में कोशिकाएं विभाजित होकर घातक ट्यूमर का गठन करती है और अनियंत्रित रूप से वृद्धि करती हैं, जिससे शरीर के आसपास के सभी अंग प्रभावित होते हैं। हमारे देश में स्तन, गर्भाशय, फेंफड़े, मुंह, पेट, आंत, गुर्दे में होने वाले कैंसर प्रमुख हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.वीके गुप्ता ने बताया कि जिला चिकित्सालय की कैंसर युनिट में कैंसर रोग की जांच एवं उपचार नि:शुल्क उपलब्ध है।

कैंसर के लक्षण

आमतौर पर शरीर में होने वाले कैंसर के संकेत पूर्व से ही दिखाई देते हैं। ऐसे फोड़े जो सामान्य रूप से ठीक नहीं हो पा रहे हैं, लगातार सिरदर्द बना रहना, हड्डियों में दर्द, बुखार का बना रहना, भूख न लगना व लगातार वजन में कमी होना इसके प्रमुख लक्षण हैं।

कैंसर का निदान

अधिकांश कैंसर प्रकरणों में लक्षण दिखाई देते ही स्क्रीनिंग की जाती है। कई बार एक्सरे, सिटी स्केन, एंडोस्कोपी, रक्त परीक्षण, बायोप्सी आदि से परीक्षण कर उचित उपचार किया जाता है। कुछ प्रकरणों में शल्य चिकित्सा की आवश्यकता होने पर शल्य चिकित्सा की जाती है। यह कैंसर को खत्म करने के लिये पर्याप्त है। कीमोथैरेपी की आवश्यकता कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने के लिये की जाती है। प्राय: कीमोथैरेपी इस आशा से की जाती है कि भविष्य में सर्जरी द्वारा कैंसर को खत्म किया जा सके।

धुम्रपान, शराब का सेवन, जंकफूड खाना, आलसी जीवन शैली कैंसर पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कैंसर से बचने के लिये धुम्रपान नहीं किया जाये। क्रीम लगाकर धूप में निकलें, ताकि अल्ट्रावायलेट किरणों से बचा जा सके। भोजन में नियमित रूप से फल एवं सब्जियां शामिल की जायें। नियमित व्यायाम किया जाये।

क्रमांक 3074                                       हरिशंकर शर्मा (मो.नं.-9424863313)/जोशी