September 26, 2017

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दिव्यांगों के सर्वांगीण सशक्तिकरण के लिये हम प्रतिबद्ध –केन्द्रीय मंत्री श्री गेहलोत, विवाहित दिव्यांग एवं आनन्दक मिलन तथा ऋण वितरण समारोह सम्पन्न

उज्जैन 09 सितम्बर। भारत शासन और मध्य प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों के सर्वांगीण सशक्तिकरण के लिये प्रतिबद्ध है। इस दिशा में कई योजनाएं अमल में लाई गई हैं। दिव्यांगों के कौशल उन्नयन, स्वरोजगार के लिये वित्त पोषण तथा आवश्यक अंग उपकरणों की उपलब्धता की दिशा में एकीकृत प्रयास किये जा रहे हैं। यह बात केन्द्रीय सामाजिक न्याय मंत्री श्री थावरचन्द गेहलोत ने कही। वे उज्जैन में 9 सितम्बर को आयोजित विवाहित दिव्यांग एवं आनन्दक मिलन तथा ऋण वितरण समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री पारस जैन, सांसद प्रो.चिन्तामणि मालवीय, डॉ.श्री वसन्तविजयजी महाराज सा., विधायक डॉ.मोहन यादव, श्री अनिल फिरोजिया, श्री सतीश मालवीय, पर्यटन विकास निगम अध्यक्ष श्री तपन भौमिक, नेशनल हैंडीकेप्ड फायनेंस एण्ड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के सीएमडी श्री परेशचन्द्र दास, महापौर श्रीमती मीना जोनवाल, यूडीए अध्यक्ष श्री जगदीश अग्रवाल, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक अध्यक्ष श्री किशनसिंह भटोल, कृषि उपज मंडी अध्यक्ष श्री बहादुरसिंह बोरमुंडला, श्री इकबालसिंह गांधी, श्री श्याम बंसल, श्री ओम जैन, श्री बाबूलाल जैन, संभागायुक्त श्री एमबी ओझा, कलेक्टर श्री संकेत भोंडवे, एसपी श्री सचिन अतुलकर, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती शैली कनास तथा आनन्दकगण व दिव्यांगों के धर्म माता-पिता उपस्थित थे।

कार्यक्रम में 107 दिव्यांगों को सिलाई मशीन तथा मोबाइल मरम्मत किट वितरित किये गये। तीस दिव्यांगों को स्वरोजगार के लिये 33 लाख रूपये का ऋण विभिन्न योजनाओं में वितरित किया गया। केन्द्रीय मंत्री श्री गेहलोत ने अपने सम्बोधन में कहा कि विगत दिनों उज्जैन में आयोजित दिव्यांग विवाह आयोजन एक ऐसा अनूठा आयोजन था, जिसमें पूरे शहर ने सहभागिता की। कलेक्टर श्री संकेत भोंडवे के नेतृत्व में सामाजिक संगठनों, सेवाभावी व्यक्तियों तथा प्रशासन द्वारा आयोजन में पूरा योगदान दिया गया। यह एक यादगार आयोजन था। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा दिव्यांग उत्थान की दिशा में सुनियोजित ढंग से कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री के प्रयासों से दिव्यांग उत्थान के लिये सकारात्मक सोच निर्मित हुई है। उन्होंने बताया कि उनके विभाग द्वारा 46 हजार लोगों को कौशल उन्नयन में प्रशिक्षित किया गया है। करीब डेढ़ लाख व्यक्तियों को कम ब्याज दर पर ऋण सुविधा उपलब्ध कराई गई है। विभाग द्वारा प्रीमैट्रिक व पोस्टमैट्रिक छात्रवृत्ति तथा विशेष अध्ययन हेतु विदेश जाने के लिये दिव्यांगों को आर्थिक सहायता भी दी जा रही है। दिव्यांगों को अंग उपकरण वितरण के लिये साढ़े पांच हजार से ज्यादा शिविर आयोजित कर लगभग आठ लाख व्यक्तियों को उपकरण उपलब्ध कराये गये हैं। इनमें कॉक्लियर इम्प्लांट, ट्रायसिकल आदि सम्मिलित हैं। कौशल उन्नयन प्रशिक्षण में डेढ़ हजार रूपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाता है। इस कार्यक्रम में 54 लोगों को ट्रेनिंग किट दी गई है। दिव्यांगों के उत्थान के लिये भारत शासन व मध्य प्रदेश शासन संयुक्त रूप से सशक्त प्रयास कर रहे हैं।

डॉ.श्री वसन्तविजयजी महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि दिव्यांग कभी कमजोर नहीं होता है। कल्याण के लिये सदैव पुरूषार्थ करते रहें। जिला प्रशासन द्वारा दिव्यांगों के विवाह आयोजन की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि सदैव ऐसे अच्छे कार्य करते रहें। निर्मल मन के साथ मानव सेवा एवं मानव उत्थान की दिशा में सदैव अग्रसर रहें।

ऊर्जा मंत्री श्री पारस जैन ने अपने सम्बोधन में कहा कि उज्जैन में विगत दिनों प्रशासन द्वारा दिव्यांग विवाह का अभूतपूर्व आयोजन किया गया था। अब विवाह पश्चात उनके भावी जीवन के बारे में भी जिला प्रशासन द्वारा सराहनीय रूप से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने  कहा कि जो दूसरे की चिन्ता करे वह महाबली होता है। व्यक्ति को सदैव अच्छे कार्य करना चाहिये। अच्छे कार्य करने वाले व्यक्तियों को ही याद किया जाता है।

सांसद प्रो.चिन्तामणि मालवीय ने अपने सारगर्भित उद्बोधन में कहा कि उज्जैन जिला प्रशासन ने सामाजिक सरोकारों के लिये प्रतिबद्धता दिखाई है। दिव्यांग विवाह के अनूठे आयोजन द्वारा नवाचार का अप्रतिम उदाहरण कलेक्टर के नेतृत्व में जिला प्रशासन द्वारा प्रस्तुत किया गया। समूचे शहर ने इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। पूर्ण उत्साह, हर्ष तथा आनन्द की अनुभूति के साथ ही दिव्यांगों के लिये कुछ कर गुजरने की इच्छा का यह बेहतरीन उदाहरण था। दिव्यांगों के विवाह पश्चात उनके भावी जीवन के लिये भी कलेक्टर के नेतृत्व में जिला प्रशासन अच्छा कार्य कर रहा है।

संभागायुक्त श्री एमबी ओझा ने कहा कि जिले में दिव्यांगजनों के लिये जिला प्रशासन द्वारा उत्कृष्ट कार्य किये जाकर उनको आत्म विश्वास से लबरेज किया जा रहा है। सबके साथ मिलकर दिव्यांगों के कल्याण के लिये पूरी गति के साथ काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि परोपकार सबसे बड़ा काम है। दूसरों के लिये कार्य करने में ही सच्ची खुशी होती है, इसी में जीवन की सार्थकता है। कार्यक्रम में श्री सुरेन्द्रसिंह अरोरा ने भी सम्बोधित किया। आभार प्रदर्शन महापौर श्रीमती मीना जोनवाल ने किया। संचालन श्री शैलेष व्यास स्वामी मुस्कुराके ने किया। इस अवसर पर नेशनल हैंडीकैप्ड फायनेंस एण्ड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के मुख्य प्रबंधक श्री जीएस पंवार, परियोजना प्रबंधक डॉ.विनीत राणा, सहायक प्रबंधक श्री रविप्रकाश दुबे, एमपीकॉन के श्री विभूतिभूषण साहू, श्री अवनीश शर्मा भी उपस्थित थे।

आनन्दक उत्साह के साथ नजर आये

इस कार्यक्रम में वे सभी आनन्दक उत्साह के साथ नजर आये, जिन्होंने विगत दिनों उज्जैन में आयोजित दिव्यांग विवाह आयोजन में बढ़-चढ़कर अपना योगदान दिया था। सभी आनन्दक साफा बांधे हुए थे। सुधीरभाई गोयल, सरदार सुरेन्द्रसिंह अरोरा, शमीमभाई एडवोकेट, जावेद डिप्टी, देवास से आये उज्जैन के तत्कालीन उपायुक्त सहकारिता श्री मनोज जायसवाल, सरोज अग्रवाल आदि आनन्दक इस आयोजन में उपस्थित थे।

हम बहुत खुश हैं, विवाहित दिव्यांग जोड़ों ने अपनी भावनाएं व्यक्त की

इस आयोजन में सम्मिलित हुए कई दिव्यांग जोड़े अपनी भावनाओं को व्यक्त करने से अपने आपको रोक नहीं सके। जिला प्रशासन के दिव्यांग विवाह आयोजन से दाम्पत्य जीवन में बंधे इन जोड़ों ने भावुक स्वर में कलेक्टर श्री संकेत भोंडवे की सराहना करते हुए कहा कि जिला प्रशासन द्वारा उनके लिये आयोजित विवाह समारोह से वे एक सुखद दाम्पत्य जीवन में बंधे हैं। हम अपने जीवन से बहुत खुश हैं। अस्थिबाधित निशा ने कहा कि उसके पति उसका बहुत ध्यान रखते हैं। दिव्यांग मुरली अजमेरा ने कहा कि प्रशासन की पहल से उनको एक अच्छी जीवनसाथी मिली है। मूक-बधिर चेतना भाटी ने इशारों में अपनी खुशी का इजहार किया। जया तथा परमिन्दर सिंह, संगीता तथा ईश्वर कटारिया एवं अज़रा तथा ईशान ने भी प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए अपनी खुशी को जाहिर किया।                                                          (फोटो संलग्न)

क्रमांक 3086                                             शकील खान (मो.नं.-9826632452)/जोशी