September 25, 2017

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श्री अच्युतानन्दजी महाराज की पुण्यतिथि पर आज प्रतिमा का अनावरण होगा, कार्यक्रम में केन्द्र और राज्य के मंत्री होंगे शामिल

उज्जैन 12 सितम्बर। शरीर साधना क्षेत्र के निष्काम कर्मयोगी गुरू अखाड़ा के संस्थापक परमपूज्य 108 स्वामी श्री अच्युतानन्दजी महाराज की पुण्यतिथि एवं व्यायामशाला की स्थापना के 150वे वर्ष में प्रवेश पर गुरूवर श्री अच्युतानन्द स्वामी की प्रतिमा का अनावरण समारोह एवं भण्डारा का कार्यक्रम बुधवार 13 सितम्बर को नृसिंह घाट के पास झालरियामठ पर दोपहर 3 बजे आयोजित होगा। ऊर्जा मंत्री श्री पारस जैन ने श्री अच्युतानन्द गुरू अखाड़ा में मंगलवार 12 सितम्बर को दोपहर में प्रेस से चर्चा के दौरान बताया की कार्यक्रम में ऊर्जा मंत्री श्री पारस जैन, उज्जैन जिले के प्रभारी एवं गृह तथा परिवहन मंत्री श्री भूपेन्द्रसिंह, खेल एवं युवा कल्याण, धार्मिक न्यास तथा धर्मस्व मंत्री श्रीमती यशोधराराजे सिंधिया, केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री थावरचन्द गेहलोत, परम शक्तिपीठ वात्सल्य ग्राम वृंदावन की संस्थापक पूज्य दीदीमां साध्वी ऋतंभरा तथा श्री चैतन्य कश्यप आदि उपस्थित रहेंगे।

ऊर्जा मंत्री श्री पारस जैन ने प्रेस से चर्चा के दौरान बताया कि श्री अच्युतानन्द गुरू अखाड़ा व्यायामशाला के संस्थापक द्वारा पूरे देश में 27 अखाड़ों की स्थापना की गई थी। उज्जैन के श्री अच्युतानन्द गुरू अखाड़ा व्यायामशाला के 150 वर्ष प्रवेश हो रहा है। इस अवसर पर उनकी मूर्ति का अनावरण का कार्यक्रम अखाड़े में बुधवार 13 सितम्बर को आयोजित किया गया है। अनावरण कार्यक्रम के बाद अतिथियों को व्यायामशाला से खुली जीप से हरसिद्धि मन्दिर के सामने से होते हुए झालरियामठ कार्यक्रम स्थल पर ले जाया जायेगा। ऊर्जा मंत्री श्री जैन ने कहा कि अधिक से अधिक लोगों में व्यायाम के प्रति रूचि बढ़े और ज्यादा से ज्यादा व्यायाम के प्रति आकर्षित हो, इसके लिये आमजन को व्यायामशाला से जुड़ना चाहिये। व्यायामशाला से अतिथियों को मूर्ति अनावरण के बाद अपराह्न 3.30 बजे रवाना होकर सायं 4 बजे झालरियामठ कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगे। श्री अच्युतानन्द ने अपने दादागुरू एवं मल्लखंबशास्त्र के आद्यगुरू श्री बालभट्टा दादा देवधर की शिष्य की परम्परा को आगे बढ़ाते हुए मलखंब को अखाड़ा परम्परा के साथ जोड़ा। 4 जुलाई 1868 को स्थापित हुआ गुरू अखाड़ा आज शरीर सौष्ठव की देशी विधा, मल्लविद्या, मल्लखंब के साथ सूर्य नमस्कार एवं शरीर सौष्ठव के प्रशिक्षण की दृष्टि से हजारों शरीर साधकों के रचनात्मक व्यक्तित्व निर्माण के लिये एक अनुपम श्री अच्युतानन्द गुरू अखाड़ा उदाहरण बन चुका है।

क्रमांक 3108 संतोष कुमार उज्जैनिया (मो.नं.-9425379653)/जोशी