November 19, 2017

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डेयरी उद्यमिता विकास योजना, आवेदन की अन्तिम तिथि 30 सितम्बर

 

उज्जैन 12 सितम्बर। दुग्ध उत्पादन बढ़ाने तथा इससे जुड़े लोगों को प्रोत्साहित करने के लिये शासन ने अनुदान देने की योजना शुरू की है। इस डेयरी उद्यमिता विकास योजना में गाय, भैंस, बछड़ी या भैंसा पालन करने वालों के साथ ही डेयरी लगाने, चिलिंग प्लांट लगाने या प्रसंस्करण करने वालों को अनुदान देने का प्रावधान किया गया है। नाबार्ड के साथ शुरू की गई इस योजना में आवेदन की अन्तिम तिथि आगामी 30 सितम्बर है। आवेदक पहले आओ पहले पाओ की नीति के तहत अनुदान पाने के पात्र होंगे।

नाबार्ड के सहायक महाप्रबंधक श्री दीपक घोरपड़े ने बताया कि इस योजना में व्यक्तिगत आवेदन के अलावा स्वयं-सहायता समूह या सहकारी समिति के तहत भी आवेदन किया जा सकता है। आवेदन प्रक्रिया के तहत इच्छुक व्यक्ति को पहले अपने निकटतम पशु चिकित्सालय में आवेदन करना होगा। चिकित्सालय प्रभारी आवेदन को आवेदनकर्ता की पसन्दीदा बैंक में फार्वर्ड करेंगे। बैंक जरूरी दस्तावेज लेकर संतुष्ट होने पर ऋण जारी करेगा। भिन्न-भिन्न बैंकों की ब्याज दरें भिन्न-भिन्न हो सकती हैं।

अनुदान सीधे खाते में जायेगा

बैंक से ऋण स्वीकृत होने के बाद पहली किश्त आवेदक के खाते में जाते ही बैंक नाबार्ड को अनुदान के लिये आवेदन करेगा। नाबार्ड से बैंक के रिजर्व खाते में राशि आ जायेगी। उतनी राशि पर ब्याज लगना बन्द हो जायेगा। बाकी राशि की अन्तिम किश्त चुकने के बाद सब्सिडी की राशि आवेदक के खाते में जमा कर खाता बन्द कर दिया जायेगा। ऋण प्रकृति के अनुसार 03 से 07 साल के बीच चुकाना होगा।

इतना मिलेगा ऋण अनुदान

इस योजना में नौ अलग-अलग घटकों में सामान्य वर्ग को 25 प्रतिशत एवं अनुसूचित जाति व जनजाति को 33-33 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान है, परन्तु निर्धारित अनुदान प्रतिशत एक निर्धारित प्रोजेक्ट राशि तक ही मिलेगा। संकर या देशी नस्ल की 10 दुधारू गायों या 10 ग्रेडेड भैंसों तक छोटी डेयरी की इकाई स्थापना के लिये अधिकतम 06 लाख रूपये तक के प्रोजेक्ट पर ही निर्धारित प्रतिशत में अनुदान दिया जायेगा। इसी तरह दुधारू पशु इकाई सहित वर्मी कम्पोस्ट प्लांट के लिये अधिकतम लागत 22 हजार रूपये, संकर देशी नस्ल के दुधारू गायों और ग्रेडेड भैंसों के अधिकतम 20 बछिया पालन पर लागत 5.30 लाख रूपये तक, दूध निथारने वाली मशीनों, मिल्क टेस्टरों, बल्क दूध प्रशीतन इकाईयों (05 हजार लीटर क्षमता) की खरीद अधिकतम लागत 20 लाख रूपये, डेयरी उत्पादन की तैयारी और डेयरी प्रसंस्करण उपकरणों की खरीद के लिये अधिकतम लागत 13.20 लाख रूपये, दुग्ध उत्पाद परिवहन सुविधा और कोल्ड चेन के लिये अधिकतम लागत 26.50 लाख रूपये, निजी पशु चिकित्सालय स्थापना में मोबाइल क्लिनिक के लिये लागत 2.60 लाख रूपये व स्थाई क्लिनिक के लिये लागत 02 लाख रूपये, दुग्ध विपणन केन्द्रों या डेयरी पार्लर के लिये अधिकतम प्रोजेक्ट लागत 01 लाख रूपये पर ही विभिन्न वर्गों को उनके लिये निर्धारित प्रतिशत में अनुदान दिया जायेगा।

क्रमांक 3016                                     शकील खान (मो.नं.-9826632452)/जोशी