September 21, 2018

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शिप्रा नदी में कहीं से भी न मिले गन्दा पानी, संभागीय समीक्षा बैठक में संभागायुक्त ने दिए निर्देश

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      उज्जैन 12 दिसम्बर। शिप्रा नदी को स्वच्छ रखने के लिए यह आवश्यक है कि शिप्रा नदी में कहीं से भी गन्दा पानी न मिले। इसके लिए नगर निगम, सिंचाई विभाग जिन-जिन स्थानों से शिप्रा नदी में सीवर, नालों आदि का गन्दा पानी मिल रहा हो, वहां-वहां जाकर तुरन्त प्रभावी उपाय करें, जिससे गन्दे पानी को शिप्रा में मिलने से पूर्ण रूप से रोका जा सके। इसके लिये वे स्वयं अधिकारियों के दल के साथ शिप्रा नदी उद्गम स्थल उज्जयिनी ग्राम से केडी पैलेस तक मुआयना करेंगे तथा देखेंगे कि किन-किन स्थानों पर शिप्रा नदी में गन्दा पानी मिल रहा है। हर हालत में शिप्रा नदी को पूर्ण रूप से शुद्ध बनाना है।

संभागायुक्त श्री एमबी ओझा ने आज मंगलवार को संभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक में ये बात कही। उन्होंने निर्देश दिए कि शिप्रा शुद्धिकरण न्यास की गत बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुसार हर सम्बन्धित विभाग अपना पालन प्रतिवेदन अविलंब प्रस्तुत करें। बैठक में अपर आयुक्त डॉ.अशोक कुमार भार्गव, निगम आयुक्त श्री विजय कुमार जे. सहित सभी संभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

जहां-जहां स्थान हो वृक्षारोपण करें

संभागायुक्त ने निर्देश दिए कि शिप्रा नदी के दोनों किनारों पर जहां-जहां स्थान हो, वृक्षारोपण किया जाए। इसके लिए वन विभाग एवं उद्यानिकी विभाग संयुक्त रूप से कार्य योजना बनाकर वृक्षारोपण करवाए। अपर आयुक्त डॉ.अशोक कुमार भार्गव ने कहा कि शिप्रा नदी को स्वच्छ बनाने एवं उसके दोनों ओर वृक्षारोपण के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाए।

मंगलनाथ व सिद्धवट में सफाई कराएं

संभागायुक्त ने कहा कि शिप्रा नदी के पास मंगलनाथ एवं सिद्धवट क्षेत्र में काफी गन्दगी देखने को मिलती है। नगर निगम दोनों स्थानों पर निरन्तर साफ-सफाई कराए।

पानी शुद्धि के लिए पम्प लगवाएं

बैठक में नगर निगम के अधिकारी ने बताया कि शिप्रा नदी में रामघाट के पास 02 तैरते हुए फव्वारे लगाए जाने की योजना है, जो कि काफी कीमती हैं। इस पर संभागायुक्त ने कहा कि महंगे फव्वारे तो लग जाएंगे, लेकिन जो काम कम कीमत में तुरन्त हो सके, वो कराया जाए, जिससे शिप्रा जल शुद्ध रहे। उन्होंने कहा कि साधारण पम्प लगाकर शिप्रा नदी में फव्वारे तुरन्त चालू कराए जाएं। यह पानी की शुद्धि के लिये आवश्यक है।

कोई नाला नहीं मिल रहा शिप्रा नदी में

बैठक में नगर निगम आयुक्त ने बताया कि वर्तमान में शिप्रा नदी में नगर का कोई भी नाला नहीं मिल रहा। खान नदी का पानी भी शिप्रा में नहीं मिल रहा। संभागायुक्त ने खान डायवर्शन की कमियां दूर करने के निर्देश जल संसाधन विभाग के अधिकारी को दिए। रूद्र सागर की पाइप लाइन को मंगलनाथ तक ले जाने के निर्देश भी दिए गए।

25 कुए-बावड़ियों का संरक्षण

बैठक में संभागायुक्त ने कहा कि उज्जैन स्थित 150 कुए-बावड़ियों के संरक्षण के सम्बन्ध में नगर निगम द्वारा कार्रवाई की जाए। इस पर नगर निगम के अधिकारी ने बताया कि कार्रवाई चालू है तथा वर्तमान में 25 कुए एवं बावड़ियों का संरक्षण कार्य जारी है। रूद्र सागर सहित सप्त सागरों का विकास किए जाने के निर्देश भी दिए गए।

घाटों की मरम्मत कराएं

संभागायुक्त ने निर्देश दिए कि शिप्रा नदी के दोनों तटों पर स्थित विभिन्न घाटों की मरम्मत तुरन्त करवाई जाए। जहां-जहां लाल पत्थर टूट गए हैं, उनकी मरम्मत का कार्य नगर निगम एवं उज्जैन विकास प्राधिकरण कराए। त्रिवेणी मोक्षधाम को भी सुन्दर बनाया जाए। शिप्रा के आसपास से अवैध उत्खनन को रोकने के निर्देश खनिज विभाग को दिए गए।

फोटो- संभागीय अधिकारियों की बैठक लेते हुए संभागायुक्त श्री एमबी ओझा।

क्रमांक 4028                                           पंकज मित्तल (मो.नं.-9301209255)/जोशी