July 18, 2018

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सफलता की कहानी- आत्म विश्वास के साथ कस्टम हायरिंग सेन्टर संचालित कर रही है मंजू आंजना

IMG-20171218-WA0023 उज्जैन 18 दिसम्बर। जितनी कुशलता से अपने घर के कार्यों का निपटारा मंजू आंजना करती हैं, उतनी ही कुशलता से वे अपने कस्टम हायरिंग सेन्टर को भी संचालित कर रही हैं। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा आर्थिक मोर्चे पर सशक्त बनाने की मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की मंशा अनुरूप उज्जैन जिले के अमलावदिया गांव की मंजू एक गृहिणी होते हुए भी आत्मविश्वास के साथ आर्थिक रूप से अपने परिवार की समृद्धि में सहभागी बनी है। उज्जैन जिले के नागदा के समीप ग्राम अमलावदिया में मंजू आंजना द्वारा परिवार की उन्नति के लिये स्थानीय क्षेत्र में बिजनेस संभावनाओं का अध्ययन करके कस्टम हायरिंग सेन्टर स्थापित करने का निर्णय लिया गया था। उन्होंने राज्य शासन की कस्टम हायरिंग सेन्टर योजना के तहत वेब साइट पर ऑनलाइन आवेदन किया। बीते साल 2016 के मार्च माह में उनके द्वारा किया गया आवेदन स्वीकृत हो गया। उनके पास मोबाइल से प्रक्रिया सम्बन्धी मैसेज प्राप्त हुए। दिये गये निर्देश अनुसार मंजू द्वारा चार्टर्ड अकाउंटेंट से प्रोजेक्ट तैयार करवाकर इन्दौर स्थित कृषि विभाग की कृषि यंत्रीकरण कार्यशाला के कार्यालय में प्रस्तुत किया गया। कृषि विभाग द्वारा उनके प्रोजेक्ट को अनुमोदित करके आईडीबीआई बैंक की नागदा शाखा में वित्त पोषण के लिये प्रस्तुत किया गया। मंजू को 18.74 लाख रूपये का ऋण स्वीकृत किया गया। उनको 10 लाख रूपये अनुदान भी मिला। कुछ राशि मार्जिन मनी के रूप में उनके स्वयं के पास से जमा की गई। राशि मिलने के बाद बीते अक्टूबर-2016 में उनके द्वारा कस्टम हायरिंग सेन्टर की स्थापना अपने घर में उपलब्ध भूमि पर की गई। सेन्टर पर दो ट्रेक्टर के अलावा रोटावेटर, रिवर्सिबल प्लाऊ, थ्रेशर, सीडड्रील, कल्टीवेटर आदि कृषि के आधुनिक उपकरण रखे गये हैं। ये तमाम उपकरण एवं यंत्र उनके द्वारा उज्जैन, पिपल्या मंडी, मौलाना आदि स्थानों से खरीदे गये हैं। इस सेन्टर द्वारा अमलावदिया तथा आसपास के लसुड़िया जयसिंग, अजीमाबाद आदि गांवों के छोटे एवं लघु सीमान्त कृषकों द्वारा ट्रेक्टर तथा अन्य उपकरण अपने कृषि कार्यों के लिये किराये पर लिये जा रहे हैं। इसके लिये प्रति घंटे के मान से किराया चुकाया जाता है। स्नातक उत्तीर्ण मंजू आंजना के इस कस्टम हायरिंग सेन्टर संचालन में उनके कृषक पति धर्मेन्द्र द्वारा भी पूरी मदद की जाती है। उनके पास अपनी कृषि भूमि भी है। धर्मेन्द्र अपने घर की खेती के अलावा कस्टम हायरिंग सेन्टर के संचालन में मदद कर रहे हैं। इस सेन्टर से मंजू की आमदनी में अच्छा इजाफा हो गया है। सीजन में वे प्रतिदिन लगभग पांच हजार रूपये की आय अर्जित करती हैं। अन्य दिनों में भी हजार से लेकर दो हजार रूपये की आमदनी प्रतिदिन हो जाती है। इससे उनका परिवार आर्थिक रूप से समृद्ध हो सका है। कस्टम हायरिंग सेन्टर के लिये प्राप्त ऋण की छह माह में एक लाख रूपये किश्त राशि बैंक में उनके द्वारा नियमित रूप से जमा की जा रही है। उनके द्वारा कस्टम हायरिंग सेन्टर के संचालन हेतु भोपाल में सात दिवसीय प्रशक्षण भी प्राप्त किया गया है। इस प्रशिक्षण की व्यवस्था शासन द्वारा की गई। सेन्टर का हिसाब-किताब बखूबी उनके द्वारा संभाला जाता है। मंजू आंजना राज्य शासन तथा मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिये संचालित योजनाओं की सराहना करते हुए कहती हैं कि उनके जैसी कई महिलाएं अपनी घर-गृहस्थी संभालते हुए घर की समृद्धि में इन योजनाओं की बदौलत अपना सशक्त योगदान दे रही हैं। (फोटो संलग्न) क्रमांक 4068 शकील खान/जोशी