August 16, 2018

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हर पंचायत में एक दुकान हो, हर दुकान पर एक विक्रेता हो, दुकान सप्ताह में छह दिन खुले, राज्य खाद्य आयोग ने उज्जैन संभाग की बैठक में दिए निर्देश

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      उज्जैन 20 दिसम्बर। खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत हर गरीब व्यक्ति को उचित मूल्य राशन उपलब्ध करवाने के लिए शासन के निर्देश अनुसार हर ग्राम पंचायत में एक उचित मूल्य की दुकान हो, हर उचित मूल्य दुकान पर एक विक्रेता हो तथा दुकान सप्ताह में 06 दिन खुले, जिससे हितग्राही को अपनी सुविधा के अनुसार राशन प्राप्त हो सके। उज्जैन संभाग के सभी जिलों में इस प्रकार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये।

मप्र राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष श्री आरके स्वाई ने आज बुधवार को उज्जैन संभाग के सभी जिलों की संयुक्त बैठक में ये निर्देश दिए। बैठक में आयोग के सदस्य श्री किशोर खंडेलवाल, श्री गोरेलाल अहिरवार, श्री दिलीपसिंह चौहान, श्रीमती स्नेहलता उपाध्याय, श्रीमती दुर्गा डाबर, संभागायुक्त श्री एमबी ओझा, उज्जैन कलेक्टर श्री संकेत भोंडवे सहित संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर्स, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, खाद्य अधिकारी, महिला एवं बाल विकास अधिकारी तथा अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित थे।

हितग्राही नाम जुड़वाने के लिये न भटकें

बैठक में आयोग के सदस्य श्री खंडेलवाल ने कहा कि उचित मूल्य राशन के लिये पात्रता सूची में नाम जुड़वाने के लिये हितग्राही को न भटकना पड़े, ऐसी व्यवस्था सभी जिलों में की जाए। आयोग के अध्यक्ष श्री स्वाई ने कहा कि इस सम्बन्ध में कलेक्टर स्वयं ध्यान दें। पात्र व्यक्तियों के नाम जोड़ने के साथ ही अपात्र व्यक्तियों के नाम हटाये जाने चाहिए। मुहिम चलाकर आगामी 03 माह में यह काम कर लिया जाए। जो अपात्र व्यक्ति स्वेच्छा से अपना नाम सूची से हटवाएं, उन्हें प्रशंसा-पत्र दिया जाए तथा जो ऐसा नहीं करते हैं, उनके विरूद्ध कार्रवाई की जाए। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश हैं कि यदि कोई अपात्र व्यक्ति इस योजना का लाभ लेता है तो उससे डेढ़ गुना राशि 15 प्रतिशत ब्याज सहित वसूल की जाए। बैठक में बताया गया कि उज्जैन संभाग के आगर-मालवा जिले में कुल पात्रताधारी परिवारों की संख्या में से 84.45 प्रतिशत परिवारों को योजना के अन्तर्गत कवर किया गया है। इसी प्रकार दूसरे नम्बर पर नीमच जिले के 71.47 प्रतिशत परिवारों को तथा देवास जिले के 71.24 प्रतिशत परिवारों को कवर किया गया है। उज्जैन जिले में इसका प्रतिशत 61.30 है।

जो आयकर नहीं दे रहे, उन सभी को मिले लाभ

बैठक में निर्देश दिये गए कि अनुसूचित जाति जनजाति के ऐसे सभी परिवार, जो आयकर नहीं दे रहे हैं, उन्हें सार्वजनिक वितरण प्रणाली का लाभ दिया जाना चाहिए। बताया गया कि उज्जैन संभाग में अजा, अजजा वर्ग के 05 लाख 74 हजार 888 हितग्राहियों को योजना का लाभ दिया जा रहा है। उज्जैन जिले में योजना के अन्तर्गत 01 लाख 19 हजार 786 परिवारों को लाभ दिया जा रहा है, वहीं संभाग के रतलाम जिले में सर्वाधिक 01 लाख 38 हजार 978 परिवारों को योजना का लाभ दिया जा रहा है।

संभाग में 19 हजार 127 एक सदस्यीय अन्त्योदय परिवार

बैठक में बताया गया कि उज्जैन संभाग में कुल 19 हजार 127 ऐसे एक सदस्यीय अन्त्योदय परिवार हैं, जिन्हें योजना का लाभ दिया जा रहा है। उज्जैन जिले में इनकी संख्या सर्वाधिक 03 हजार 765 है। शाजापुर जिले के आंकड़ों में विसंगती पाए जाने पर अध्यक्ष द्वारा अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए आंकड़ों को सही करने के निर्देश दिए गए।

गलत है तो ठीक करें, फर्जी है तो हटाएं

बैठक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के हितग्राहियों की आधार सीडिंग के सम्बन्ध में बताया गया कि संभाग में 12 लाख 01 हजार 369 परिवारों की आधार सीडिंग कर दी गई है, 01 लाख 29 हजार 173 परिवार बोगस आधार वाले हैं तथा 03 लाख 34 हजार 210 परिवार पूर्ण मिसमैच वाले हैं। इस सम्बन्ध में निर्देश दिए गए कि जो बोगस आधार वाले हैं, उन्हें हटाया जाए तथा जहां विसंगति अथवा मिसमैच है, उसे दुरूस्त कराया जाए। कलेक्टर उज्जैन श्री संकेत भोंडवे ने सुझाव दिया कि उज्जैन जिले में आधार की 17 मशीनें हैं, मशीनों की संख्या बढ़ाई जाए।

खाद्य प्राप्त करना अधिकार है, मेहरबानी नहीं

बैठक में आयोग के अध्यक्ष श्री स्वाई ने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अन्तर्गत्‍ 01 रूपये किलो में गेहूं, चावल एवं नमक प्राप्त करना पात्र व्यक्तियों का अधिकार है, मेहरबानी नहीं। अत: उन्हें यह अधिकार सुनिश्चित कराना चाहिए। पात्र व्यक्तियों के नाम जोड़ें, अपात्रों के हटाएं। एक भी पात्र व्यक्ति उचित मूल्य राशन से वंचित नहीं रहना चाहिए। बताया गया कि संभाग में 17 हजार 95 अपात्र परिवार चिन्हित किए गए थे, जिनमें से 14 हजार 205 अपात्र परिवारों को विलोपित कर दिया गया है। केवल आगर-मालवा ऐसा जिला है, जहां 3708 अपात्र चिन्हित परिवारों में से केवल 1143 को विलोपित किया गया है। शेष को विलोपित किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। आयोग के सदस्य श्री खंडेलवाल ने कहा कि नाम हटाने में अधिकारी संवेदनशीलता बरतें तथा जिनके नाम हटाए जाएं, उन्हें एक बार सुनवाई का अवसर अवश्य दें।

शिकायतों की पंजी संधारित हो

बैठक में बताया गया कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अन्तर्गत जिला स्तर पर कलेक्टर को शिकायत निवारण प्राधिकारी बनाया गया है तथा उनके विरूद्ध शिकायतें सुनने का अधिकार मप्र राज्य खाद्य आयोग को दिया गया है। खाद्य नियंत्रक को निर्देश दिए गए कि संभाग के प्रत्येक जिले में प्राप्त शिकायतों की पंजी संधारित हो तथा लोगों को बताया जाए कि शिकायत का समुचित निराकरण न होने पर आयोग में अपील की जा सकती है।

क्यों नहीं हुई निगरानी समितियों की बैठकें?

योजना के अन्तर्गत्‍ प्रत्येक उचित मूल्य दुकान पर एक निगरानी समिति गठित किए जाने तथा उसके द्वारा निरन्तर मॉनीटरिंग किए जाने का प्रावधान किया गया है, परन्तु पूरे संभाग में कहीं भी निगरानी समिति की बैठकें न किए जाने, बल्कि समितियां गठित ही नहीं किए जाने की शिकायत अत्यन्त गंभीर है। तुरन्त शासन निर्देश अनुसार समितियों का गठन करें एवं उनकी बैठकें की जाएं। अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि उचित मूल्य दुकानों के बाहर समिति के अध्यक्ष तथा सदस्यों के नाम भी लिखवाए जाएं। हर दुकान का वर्ष में 06 बार अनिवार्य रूप से निरीक्षण होना चाहिए।

पीओएस मशीनें सही चलें

बैठक में निर्देश दिए गए कि सभी जिलों में उचित मूल्य सामग्री प्रदाय के लिए पीओएस मशीनों का सही संचालन होना चाहिए। खराबी आने पर उन्हें तुरन्त दुरूस्त किया जाए। रतलाम एवं देवास जिलों से मशीनों की खराबी की शिकायतें आई हैं। अधिकारियों द्वारा बताया गया कि सर्वर डाऊन होने से अधिक समस्या आती है। इस पर अध्यक्ष श्री स्वाई द्वारा कहा गया कि आयोग उचित मूल्य प्रणाली के लिए पृथक सर्वर उपलब्ध कराने का सुझाव शासन को दे रहा है।

हर दुकान पर एक विक्रेता रहे

बैठक में बताया गया कि संभाग की 855 ऐसी ग्राम पंचायतें हैं, जहां उचित मूल्य दुकानें नहीं हैं, दो दुकान संचालित करने वाले विक्रेताओं की संख्या 616 है, तीन दुकान संचालित करने वाले विक्रेताओं की संख्या 108 है तथा 03 से अधिक दुकान संचालित करने वाले विक्रेताओं की संख्या 08 है। इस पर अध्यक्ष श्री स्वाई द्वारा कड़ा रूख अख्तियार करते हुए कहा गया कि सभी दुकानों पर 01-01 विक्रेता होना चाहिये तथा हर ग्राम पंचायत में 01 दुकान हो। इसके लिये कलेक्टर त्वरित कार्रवाई करें। दुकान खोलने तथा सेल्समैन रखने के लिए नियमों में संशोधन हो गया है। साथ ही एक तिहाई दुकानें महिला एवं महिला स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित होनी चाहिए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि उपभोक्ता उचित मूल्य राशन की निर्धारित मात्रा को अपनी इच्छा के अनुसार एक बार में अथवा अधिक बार में प्राप्त कर सके।

असमर्थों को भी मिले मध्याह्न भोजन

बैठक में निर्देश दिए गए कि शासन के निर्देश अनुसार निराश्रित, गरीब, दिव्यांग, बुजुर्ग, वृद्ध, परित्यक्ता, रूग्ण व्यक्तियों को भी नि:शुल्क मध्याह्न भोजन प्रदाय किया जाना चाहिए। इस सम्बन्ध में सभी जिलों में कार्रवाई हो तथा की गई कार्रवाई की जानकारी भी दी जाए।

नवाचार-एक ग्राम में घर-घर जाकर दें उचित मूल्य राशन

आयोग के सदस्यों द्वारा कलेक्टर्स को निर्देश दिए गए वे अपने-अपने जिलों में एक ऐसा गरीब एवं पिछड़ा ग्राम छांटें, जहां घर-घर जाकर उचित मूल्य राशन सामग्री का प्रदाय किया जाए। उन्होंने पात्र व्यक्तियों को उचित मूल्य राशन प्रदाय किए जाने के लिए जिलों में नवाचार करने के लिए भी कहा।

भ्रामक आदेश क्यों जारी किया?

बैठक में आयोग द्वारा उज्जैन जिले में एक भ्रामक आदेश जारी किए जाने पर खाद्य विभाग के प्रति अप्रसन्नता व्यक्त की। इस आदेश के अन्तर्गत यह बताया गया था कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के उपभोक्ताओं को माह के 01 से 21 तारीख तक ही उचित मूल्य सामग्री का प्रदाय किया जाएगा तथा उसके बाद सामग्री का प्रदाय नहीं किया जाएगा। इस सम्बन्ध में स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश सम्बन्धितों को दिए गए।

संभागायुक्त ने दिए महत्वपूर्ण निर्देश

बैठक में संभागायुक्त श्री एमबी ओझा ने आयोग के सुझावों के दृष्टिगत सभी कलेक्टर्स एवं सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी क्षेत्रों में मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता उत्तम हो, 03 वर्ष से अधिक से भोजन प्रदाय करने वाले स्व-सहायता समूह का ऑडिट हो, मध्याह्न भोजन का प्रदाय औसत हाजरी के आधार पर न होकर वास्तविक हाजरी के आधार पर हो, पात्रता सूची में से अपात्र लोगों के नाम कटें, पात्र व्यक्तियों के नाम जुड़ें, उचित मूल्य निगरानी समिति की बैठकें नियमित रूप से करवाई जाएं, हर पंचायत क्षेत्र में उचित मूल्य दुकान हों, कुपोषित बच्चों का कुपोषण दूर करने के प्रभावी प्रयास हों, पीओएस मशीन खराब होने पर तुरन्त बदली जाए तथा उपभोक्ताओं को चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने बताया कि प्रदेश में खाद्य सुरक्षा अधिनियम के पालन में उज्जैन संभाग में बहुत अच्छा कार्य हो रहा है। कार्य को और बेहतर किया जाएXK।                                                     (फोटो संलग्न)

क्रमांक 4090                                            पंकज मित्तल (मो.नं.-9301209255)/जोशी

 

 

मुख्य सचिव की परख वी.सी. आज

उज्जैन 20 दिसम्बर । मुख्य सचिव की अध्यक्षता में परख वीडियो कांफ्रेंसिंग का आयोजन भोपाल से 21 दिसम्बर को पूर्वाह्न 11 बजे से किया जाएगा। संयुक्त आयुक्त (विकास) ने सभी संभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे आवश्यक जानकारी सहित निर्धारित समय के पूर्व उज्जैन एनआईसी वीसी कक्ष में उपस्थित हों।

क्रमांक 4091                                            पंकज मित्तल (मो.नं.-9301209255)/जोशी