February 24, 2018

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किसानों के हर संकट में सरकार उनके साथ है, हर परिस्थिति से निपटेंगे, कंधे से कंधा मिलाकर साथ चलेंगे –मुख्यमंत्री, चिमनगंज मंडी में किसानों ने मुख्यमंत्री का सन्देश सुना

उज्जैन 12 फरवरी। सोमवार को चिमनगंज मंडी में आये किसानों ने भोपाल में आयोजित भावान्तर राशि के प्रमाण-पत्र वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के सन्देश को सुना। जिला प्रशासन द्वारा मंडी प्रांगण में एक बड़े एलईडी स्क्रीन के माध्यम से मुख्यमंत्री के भोपाल में आयोजित कार्यक्रम के लाईव प्रसारण की व्यवस्था की गई थी। इस दौरान उप संचालक कृषि श्री सीएल केवड़ा, कृषि उपज मंडी के अध्यक्ष श्री बहादुरसिंह बोरमुंडला, परियोजना अधिकारी आत्मा श्रीमती नीलमसिंह चौहान, कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ.सूर्यवंशी और डॉ.कौशिक तथा मंडी में आये किसान तथा व्यापारी मौजूद थे।

भोपाल के जंबूरी मैदान में दोपहर 1.30 बजे से किसान महासम्मेलन आयोजित किया गया। किसान महासम्मेलन में बताया गया कि मध्य प्रदेश के इतिहास में आज एक गौरव का क्षण आया है। प्रदेश के तीन लाख 58 हजार किसानों के खाते में केवल एक क्लिक के माध्यम से 620 करोड़ रूपये की राशि का ऑनलाइन ट्रांसफर मुख्यमंत्री द्वारा भावान्तर भुगतान योजना के अन्तर्गत किया गया। कुछ किसानों को प्रतिकात्मक रूप से मंच पर भावान्तर राशि के प्रमाण-पत्र मुख्यमंत्री द्वारा वितरित किये गये। इनमें श्रीमती सुलेखा तिवारी, श्री सौरभ वर्मा, श्री शुभम साहू और श्रीमती अरूंधती सिंह को प्रमाण-पत्र वितरित किये गये। भावान्तर भुगतान के अतिरिक्त मुख्यमंत्री कृषक युवा उद्यमी योजना के प्रमाण-पत्र भी वितरित किये गये।

मुख्यमंत्री ने किसानों को दिये सन्देश में कहा कि पिछले एक दो दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और ओलावृष्टि हुई है। किसानों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। किसानों के हर संकट में सरकार उनके साथ है। मैं किस लिये मुख्यमंत्री बना हूं। विपरीत परिस्थितियां आती रहती हैं, परन्तु मैं अफसोस करने वाला मुख्यमंत्री नहीं हूं। किसी भी विकट परिस्थिति में न तो मैं शोक करूंगा न ही जनता को दु:खी होने दूंगा। नेतृत्व की पहचान संकट की घड़ी में ही होती है। किसानों के साथ सरकार कंधे से कंधा मिलाकर चलेगी और हर मुश्किल परिस्थिति से हम लोग मिलजुल कर निपटेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन द्वारा किसानों के हित में अनेक फैसले लिये गये हैं। सरकार जीरो प्रतिशत ब्याज पर किसानों को कर्जा दे रही है। प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की भरपाई अवश्य की जायेगी। प्रदेश के किसानों ने बम्पर उत्पादन लगातार किया है। 40 लाख हेक्टेयर में सिंचाई की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री ने अपने सन्देश में मालवा क्षेत्र में सिंचाई के लिये घोषणा की कि नर्मदा का पानी शिप्रा में लाया गया है। आने वाले पांच सालों में मालवा के 11 लाख 60 हजार हेक्टेयर में सिंचाई की व्यवस्था की जायेगी, जिसके लिये शासन द्वारा 38 हजार करोड़ रूपये का निवेश किया जायेगा।

मुख्यमंत्री के सन्देश के उपरान्त चिमनगंज मंडी में मौजूद किसानों को कृषि वैज्ञानिकों डॉ.सूर्यवंशी और डॉ.कौशिक द्वारा आवश्यक कृषि सम्बन्धी सलाह भी दी गई। उन्होंने चने की फसल को इल्लियों से बचाने के सुझाव दिये। उन्होंने कहा कि सही समय पर दवा का छिड़काव करने से काफी हद तक इस समस्या से छुटकारा मिल सकता है। इसके लिये बाजार में सस्ते दामों में उपलब्ध प्रोपेनोफॉल दवा का किसान उपयोग करें। इस दवाई को एक लीटर मात्रा में 19 लीटर पानी में घोलें और अच्छे स्प्रेयर के माध्यम से फसलों पर छिड़काव करें। उकसूख की समस्या के समाधान के बारे में भी किसानों को जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि उकसूख की समस्या से निजात पाने के लिये किसानों को बीज उपचार करना चाहिये। पौधों की जड़ों में प्राकृतिक रूप से नाइट्रोजन उपलब्ध करवाने के लिये राइजोबियम कल्चर का भी उपयोग करना चाहिये। रिज एण्ड फरो पद्धति से यदि पौधे लगाये जायें तो उनकी जड़ों का विकास और भी अच्छा होगा। ट्रायकोडर्मा फ्यूलिसिटीकम एक मित्र फफूंद है, जिसका उपयोग गोबर की खाद में मिलाकर करने से काफी अच्छे परिणाम किसानों को प्राप्त हो सकते हैं। (फोटो संलग्न)

क्रमांक 0450 अनिकेत शर्मा/जोशी