October 21, 2018

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महाशिवरात्रि पर महाकाल मंदिर मे हजारों भक्तों ने दर्शन किये, वर्ष में एक बार दोपहर में होने वाली भस्मार्ती आज होगी

उज्जैन 13 फरवरी। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर श्री महाकालेश्वर मंदिर में भगवान महाकाल के हजारों दर्शनार्थियों ने दर्शन किये। महाशिवरात्रि पर्व पर 13 फरवरी की रात्रि 2 बजे से गर्भगृह के पट खुल गये थे और भस्मार्ती के पश्चात आम दर्शनार्थियों के लिये दर्शन की व्यवस्था की गई। भगवान महाकाल के गर्भगृह के पट 14 फरवरी की रात्रि में शयन आरती के बाद बंद होंगे। महाकाल मंदिर में इस प्रकार पावन पर्व पर 44 घण्टे सतत पट खुले रहेंगे। महाशिवरात्रि पर्व पर 13 फरवरी की रात्रि में महापूजा कर सात प्रकार के फलों का रस एवं पंचामृत चढ़ाये जाने, सवालाख बिल्वपत्र अपर्ण किये जाने, भगवान महाकाल का विशेष श्रृंगार कर सप्तधान्य का मुखौटा धारण करवाये जाने के पश्चात 14 फरवरी की प्रातः आरती होगी। इसके बाद भगवान महाकाल पर चांदी के बिल्वपत्र व सिक्के न्यौछावर किये जायेंगे और दोपहर में भस्मार्ती होगी। तत्पश्चात मध्यान्ह्काल की आरती के बाद ब्राम्ह्णों को पारणा भोजन कराया जायेगा। इसके साथ ही शिवरात्रि महापर्व का समापन होगा।

शिवरात्रि पर्व पर दोपहर में हुई शासकीय पूजा

महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर दोपहर में महाकाल मंदिर के गर्भगृह में शासकीय पूजा की गई। शासकीय पूजा तहसीलदार उज्जैन श्री सुदीप मीणा के द्वारा की गई। पूजा-अर्चना महाकाल मंदिर के पुजारियो के द्वारा संपन्न करवाई गई। पूजन-अर्चन के अवसर पर संभागायुक्त श्री एम.बी. ओझा, एडीजीपी. श्री व्ही मधुकुमार, कलेक्टर श्री संकेत भोंडवे, प्रशासक श्री अवधेश शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

दानदाताओं ने दिया दान

शिवरात्रि के पर्व पर जहां हजारों दर्शनार्थियों ने भगवान महाकाल के दर्शन लाभ लिये वहीं राजस्थान प्रान्त के झालावाड जिले के चौमेला निवासी सुश्री सौम्या राठौर, श्रीमती संगीता राठौर एवं श्री सर्वेष कुमार राठौर ने 51-51 हजार रूपये की नगद राशि दान की। इसी प्रकार गुजरात के सूरत निवासी श्री लक्ष्मण दुर्गाप्रसाद देवडा ने भगवान महाकाल को 4 किलो 350 ग्राम का चांदी छत्र दान में दिया। मंदिर प्रबंध समिति की ओर से सहायक प्रशासनिक अधिकारी श्री दिलीप गरूड ने भगवान महाकाल के प्रसाद स्वरूप प्रसाद एवं दुपट्टा भेंट किया।

महाशिवरात्रि के पर्व की व्यवस्थाओं की कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक के साथ ही वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के द्वारा निगरानी की जा रही थी। अधिकारियों के द्वारा कन्ट्रोलरूम में सी.सी.टी.वी. के माध्यम से व्यवस्थाओं पर सतत निगरानी रखी गई। भगवान महाकाल के दर्शन दर्शनार्थियों को कम से कम समय में हो सके इसका प्रयास किया गया। दर्शनार्थियों की चरण पादुकाओं के लिए भी व्यवस्थित स्टाल लगाये गये थे। मीडिया के लिए भी प्रेसबॉक्स की व्यवस्था की गई थी। प्रशासन द्वारा पार्किंग की भी व्यवस्था सुव्यवस्थित ढंग से की गई जिनकी श्रद्धालुओं ने प्रशंसा व्यक्त की। दर्शन व्यवस्था में सबका सहयोग सराहनीय रहा। (फोटो संलग्न)

क्रमांक 0460 संतोष कुमार उज्जैनिया (मो.नं.-9425379653)