October 20, 2018

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पृथ्वी लोक के अधिपति भगवान महाकाल ने शिवरात्रि के दूसरे दिन पुष्प मुकुट धारण कर भक्तों को दिये दर्शन, दिन में भगवान महाकाल की भस्मार्ती हुई, सुलभ एवं शीघ्र दर्शन की भक्तों के द्वारा सराहना

उज्जैन 14 फरवरी।  पृथ्वी लोक के अधिपति राजा भगवान महाकाल ने महाशिवरात्रि के दूसरे दिन सवा मन का पुष्प मुकुट धारण कर भक्तों को दिव्यरूप में दर्शन दिये। महाशिवरात्रि के दूसरे दिन दोपहर में भस्मार्ती की गई। महाशिवरात्रि पर्व पर भगवान शिव के लगातार 44 घण्टे दर्शनार्थियों ने दर्शन किये। महाशिवरात्रि पर गर्भगृह के पट लगातार खुले रहे। भगवान भोलेनाथ का सवा मन का पुष्प मुकुट पूर्वान्ह्ः 11.30 बजे के लगभग उतारा गया। इसके बाद भगवान महाकाल की वर्ष में एक बार दोपहर में होने वाली भस्मार्ती की प्रक्रिया प्रारंभ हुई। दर्शनार्थियों ने ध्यानमग्न होकर भगवान भोलेनाथ की भस्मार्ती का दर्शन लाभ लिया। महाशिवरात्रि पर्व पर प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं से दर्शनार्थियों को सुलभ दर्शन हुए। इसकी दर्शनार्थियों के द्वारा सर्वत्र सराहना की गई।

कलेक्टर ने सपत्निक कार्तिकेय मण्डपम से दर्शन किये

दोपहर की भस्मार्ती में जिला कलेक्टर श्री संकेत भोंडवे एवं देवास कलेक्टर श्री आशीष सिंह ने सपत्निक कार्तिकेय मंडपम की बेरिकेट्स में बैठकर भगवान भोलेनाथ की भस्मार्ती का दर्शन लाभ लिया। कलेक्टर ने मंदिर परिसर में दर्शन व्यवस्था का जायजा लेकर संबंधित अधिकारियों को आवष्यक दिषा निर्देश भी दिये।

महाशिवरात्रि पर्व पर भगवान महाकाल सतत 44 घण्टे अपने भक्तों को दर्शन देते है। महाशिवरात्रि पर्व के पहले 5 फरवरी से ही महाकाल मंदिर में प्रतिदिन भगवान महाकाल ने अलग-अलग रूपों में दर्शन दिये। भगवान महाकाल कभी प्राकृतिक रूप में तो कभी राजसी रूप में आभूषण धारण कर तो कभी भांग, चंदन, सूखे मेवे से तो कभी फल, पुष्प से श्रृंगारित हुए। विश्व में अकेले भगवान महाकाल हैं जिनके इतने रूपों में दर्शन होते है। इस वर्ष महाशिवरात्रि पर्व पर दूर-दराज से आने वाले भक्तों ने दर्शन व्यवस्था की प्रशंसा की। 14 फरवरी को दोपहर की भस्मार्ती का भी कई दर्शनार्थियों ने लाभ लिया।

व्यवस्था से खुश आम जन, कलेक्टर ने सभी का माना आभार

दो दिवसीय शिवरात्रि महापर्व के समापन अवसर पर आम जनों ने प्रशासनिक तौर पर की गई व्यवस्था का खुलकर समर्थन किया। बाहरी श्रद्धालुओं ने सुगमता से दर्शन लाभ मिलने पर व्यवस्थाओं की तारीफ की। जिला कलेक्टर एवं मंदिर प्रबंघ समिति के अध्यक्ष संकेत भोंडवे ने शहर की जनता के साथ-साथ बाहर से आये सभी श्रद्धालुओं का आभार माना है। आम दर्शनार्थियों द्वारा मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक श्री अवधेश शर्मा द्वारा की गई प्रबंध व्यवस्थाओं की भी भूरी-भूरी प्रशंसा की गई।

भोग आरती के बाद समापन

महाशिवरात्रि पर्व के दूसरे दिन 14 फरवरी को दोपहर में भस्मार्ती हुई। इसके बाद भगवान महाकाल को भोग आरती के साथ ब्राह्मणों को पारणा (भोजन) कराया गया। इसके साथ ही महाशिवरात्रि पर्व का समापन हुआ।

चंद्रदर्शन की द्वितीया पर होंगे पंचमुखारविन्द के दर्शन

महाशिवरात्रि पर्व के दो दिन पश्चात 17 फरवरी शनिवार फाल्गुन शुक्लपक्ष द्वितीया को महाकाल मंदिर में वर्ष में एक बार भगवान महाकाल पंचमुखारविन्द में दर्शन देंगे।

महाशिवरात्रि के दूसरे दिन भी दर्शनार्थियों का तांता लगा

देषभर में 14 फरवरी को महाशिवरात्रि पर्व मनाया गया परन्तु उज्जैन में यह पर्व 13 तारीख को ही मनाया गया था। दो दिन महाशिवरात्रि पर्व होने के चलते बुधवार 14 फरवरी को भी बडी संख्या में श्रद्धालुओं ने महाशिवरात्रि पर्व मनाते हुए महाकाल मंदिर में भगवान महाकाल के दर्शन किये।

क्रमांक 0466                                                               एसके उज्जैनिया