September 21, 2018

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बाढ़ राहत के लिये आवश्यक सामग्री का क्रय करने के निर्देश, संभागायुक्त की अध्यक्षता में निगरानी समिति की बैठक हुई

उज्जैन 14 जून। संभागायुक्त श्री एमबी ओझा ने संभाग के सभी होमगार्ड कमांडेंट्स को निर्देशित किया है कि वे बाढ़ राहत के लिये प्राप्त राशि का सदुपयोग करते हुए तुरन्त आवश्यक सामग्री का क्रय करें। संभागायुक्त ने आपदा प्रबंधन के समय भोपाल स्थित आपदा प्रबंधन टीम के अधिकारियों के फोन नम्बर लेकर उनसे सम्पर्क में रहने के लिये कहा है। साथ ही उन्होंने लोक निर्माण विभाग एवं जल संसाधन विभाग को निर्देशित किया है कि जो पुल-पुलिया एवं रपटें बाढ़ की स्थिति में डूब में आ जाती हैं, उन पर विशेष रूप से संकेतक लगाये जायें, जिससे कि यात्री वाहन एवं अन्य वाहन बाढ़ में उन पर से न गुजरें। बैठक में पुलिस महानिरीक्षक श्री राकेश गुप्ता, संभाग के सभी जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, मुख्य अभियंता जल संसाधन एवं विभिन्न विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

बैठक में जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता श्री व्हायके शर्मा ने बताया कि उज्जैन संभाग के अन्तर्गत मंदसौर में गांधी सागर एवं रेतम बांध, रतलाम में सरोज सरोवर, नीमच में मोरवन एवं टिकरिया तालाब, उज्जैन में अरनिया बहादुर, देवास में चन्द्रकेशर, दतुनी तालाब, शाजापुर में चिल्लर एवं लखुंदर तालाब, आगर में टिल्लर, कछाल एवं किटखेड़ी बांध आते हैं। इसी तरह संभाग में प्रमुख नदियां नर्मदा, शिप्रा, चंबल, गंभीर चामला, छोटी कालीसिंध, बड़ी कालीसिंध, लखुंदर, टिल्लर, नेवज, कंठाल, शिवना आदि बहती हैं। इन नदियों के दोनों तटों पर बसी आबादी सामान्य वर्षा से उत्पन्न होने वाली बाढ़ से प्रभावित नहीं होती है, किन्तु अत्यधिक वर्षा होने अथवा बादल फटने की चेतावनी मिलने पर आबादी प्रभावित हो सकती है। जल संसाधन विभाग द्वारा प्रमुख जलाशयों में चिन्हित क्षमता से अधिक पानी एकत्रित होने पर गेटों को खोला जाता है और इससे डाउनस्ट्रीम में प्रभावित होने वाले गांवों में अलर्ट करने हेतु जिला प्रशासन से सम्पर्क किया जाता है।

गांधी सागर के गेट खोलने के समय विशेष व्यवस्था की जाये

गांधी सागर के डाउनस्ट्रीम में राजस्थान की सीमा लगती है तथा यहां पर वन क्षेत्र अधिक है और आबादी न्यून है, इसलिये विशेष दुर्घटना की संभावना नहीं रहती। निर्धारित क्षमता से अधिक भरने पर गांधी सागर डेम के गेट खोले जाते हैं और यह सूचना मिलने पर गेट खोलने के समय हजारों की संख्या में लोग इस घटना को देखने के लिये एकत्रित होते हैं। मंदसोर एवं नीमच जिले की मुख्य सड़कों पर जाम लग जाता है। संभागायुक्त श्री एमबी ओझा ने गांधी सागर डेम के गेट खोलने के समय एकत्रित होने वाले दर्शकों के समूह को नियंत्रित करने के लिये विशेष व्यवस्थाएं करने के निर्देश जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को दिये हैं।

समय-पूर्व चेतावनी देने के निर्देश

बैठक में संभागायुक्त ने जल संसाधन विभाग को निर्देश दिये हैं कि विभिन्न बांधों के गेट खोलने के समय कितना पानी छोड़ा जायेगा एवं इससे डाउनस्ट्रीम के कौन-कौन से गांव कितने समय में प्रभावित होंगे, इसकी सूचना एवं चेतावनी समय-पूर्व जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन को दी जाये। उन्होंने नीमच की काका साहेब गाडगिल सागर योजना से पानी छोड़ने की स्थिति में पिपल्या मंडी से जावद मंडी की रोड पर पानी भर जाने की जानकारी देने के लिये पुलिया के दोनों ओर बड़े-बड़े बोर्ड लगाने के निर्देश दिये, जिससे कि अनजाने में कोई भी वाहनचालक अथवा यात्री वाहन पुलिया पार करने की कोशिश न करे।

मोटरबोट चालू हालत में रखें

संभागायुक्त ने होमगार्ड्स को निर्देशित किया है कि वे उनके पास उपलब्ध मोटरबोट्स की टेस्टिंग अभी से कर लें। बारिश के मौसम में सभी मोटरबोट्स चालू अवस्था में होना चाहिये, ऐसा न हो कि जरूरत पड़ने पर मोटरबोट ही स्टार्ट न हो। उन्होंने इसके अलावा रस्सा, तैराक, लाईफ जैकेट्स एवं अन्य सामग्री भी व्यवस्थित तरीके से रखने एवं सूचना मिलने पर तुरन्त मौके पर पहुंचाने के निर्देश दिये हैं।

बांसवाड़ा जिला प्रशासन से सम्पर्क करने के निर्देश

राजस्थान राज्य में निर्मित माही बजाज सागर परियोजना बांसवाड़ा के पूर्ण जल स्तर से अधिक जलभराव की स्थिति में बाजना जिला रतलाम के 16 ग्राम प्रभावित होते हैं। संभागायुक्त ने बाढ़ की स्थिति में इन ग्रामों में राहत कार्य करने के लिये राजस्थान होकर जाने के सम्बन्ध में सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश कलेक्टर रतलाम एवं पुलिस अधीक्षक रतलाम को दिये हैं।

बरगी बांध से खातेगांव तहसील के 12 गांव प्रभावित

नर्मदा नदी पर जबलपुर जिले में निर्मित रानी अवन्तिबाई लोधी जलाशय (बरगी बांध) एवं होशंगाबाद जिले में निर्मित तवा जलाशय से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने पर देवास जिले की खातेगांव तहसील के 12 गांव प्रभावित होते हैं। इसी तरह खंडवा जिले में निर्मित इंदिरा सागर परियोजना से कन्नौद तहसील के सात एवं बागली तहसील के 10 ग्रामों में बाढ़ का पानी पहुंचता है। संभागायुक्त ने देवास कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक से इन सभी ग्रामों में बाढ़ की स्थिति में राहत कार्य तुरन्त करने की तैयारी करने को कहा है। उन्होंने जल संसाधन विभाग को निर्देशित किया है कि वे पानी छोड़ने के चौबीस घंटे पूर्व सभी सम्बन्धित अधिकारियों को सूचित करें एवं ग्रामों में डोंडी पिटवायें।

सभी कलेक्टर्स अपने-अपने जिलों में बैठक कर

डाउनस्ट्रीम में संभावित क्षेत्र में पानी के फैलाव को चिन्हित करें

संभागायुक्त ने संभाग के सभी जिला कलेक्टर्स को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने जिलों में विभिन्न बांधों के डाउनस्ट्रीम में स्थित संभावित डूब क्षेत्र के फैलाव को चिन्हित करें। साथ ही यह कहा है कि डाउनस्ट्रीम में नदी-नाले के पास धार्मिक आयोजनों के समय एवं स्थान आदि की जानकारी एकत्रित करें एवं इन आयोजनों के अवसर पर यदि बांध के गेट खोले जाते हैं तो कोई जनहानि न हो, यह सुनिश्चित करें। उन्होंने पुलिस एवं राजस्व विभाग को आपदा प्रबंधन के लिये तैयार रहने को कहा है।                                                             (फोटो संलग्न)

क्रमांक 1648                                                                एचएस शर्मा/जोशी