July 19, 2018

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सफलता की कहानी दोना-पत्तल व्यवसाय से आमदनी 3 हजार से बढ़कर 15 हजार रु. प्रतिमाह हो गई

उज्जैन 10 जुलाई। उज्जैन शहर दोना पत्तल निर्माण क्षेत्र में संपूर्ण पश्चिमी भारत में अग्रणी स्थान पर है। यह शहर कागज  के दोना-पत्तल निर्माण का हब बन चुका है। यहां  बनने वाले दोना-पत्तल गुजरात, छत्तीसगढ़, राजस्थान, दिल्ली एवं अन्य स्थानों पर निर्यात होते हैं । अच्छी क्वालिटी के दोना-पत्तल की मांग सदैव बनी रहती है ।इस व्यवसाय से  शहर  की कई ग्रहणी  एवम  युवा लोग जुड़े हुए हैं ।

उज्जैन शहर में निवास करने वाली सीमा शुक्ला (मो.नं.-9039576860) को भी अपना व्यवसाय स्थापित करने की ललक थी। उन्होंने इसके लिए जागृति शिविर में भाग लिया और मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के बारे में  जानकारी प्राप्त की । स्वयं का उद्योग स्थापित करने के लिए जिला हाथकरघा कार्यालय से  संपर्क किया।  सीमा शुक्ला की इच्छा शक्ति को देखते हुए उनका मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में प्रकरण तैयार कर  बैंक ऑफ इंडिया को प्रस्तुत किया गया। बैंक द्वारा  सीमा शुक्ला को 350000 रूपए का ऋण स्वीकृत किया गया।  इसमें  150000 रूपए मार्जिन मनी थी ।बैंक से ऋण प्राप्त करने के बाद स्थापित की गई दोना-पत्तल इकाई आज पूरी क्षमता के साथ कार्य कर रही है। वह  उनके द्वारा बनाए गए दोना-पत्तल  का निर्यात कर रही हैं । पहले जहां  सीमा शुक्ला की आय 3000  रु प्रतिमाह  थी, वे आज 15000 रु   महीना कमा रही है और इस आमदनी में से  बैंक की क़िश्त भी चुका रही हैं।  इस तरह मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना  एक युवा महिला के लिए जीवन में सकारात्मक बदलाव का कारण  बनी है ।                               (फोटो संलग्न)

क्रमांक 2000                                                                                                                         एचएस शर्मा