September 21, 2018

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जनसंख्या वृद्धि रोकने हेतु शासन द्वारा उपलब्ध कराये जा रहे साधन-सुविधाओं का उपयोग करना आवश्यक, आज की सावधानी, कल का भविष्य

उज्जैन 11 जुलाई। विश्व जनसंख्या दिवस 11 मई को जिला अस्पताल के मातृ एवं शिशु चिकित्सालय चरक भवन परिसर में मनाया गया। इस अवसर पर परिवार विकास मेले का आयोजन भी किया गया। मेले का शुभारम्भ मप्र फार्मेसी काउंसिल के अध्यक्ष श्री ओम जैन, रोकस सदस्य श्री कैलाश सोनी, श्री बागमल जैन की उपस्थिति में हुआ।

फार्मेसी काउंसिल के अध्यक्ष श्री ओम जैन ने इस अवसर पर कहा कि जनसंख्या वृद्धि को रोकने के लिये सरकार द्वारा उपलब्ध कराये जा रहे साधन-सुविधाओं का व्यक्ति अधिक से अधिक उपयोग करे। आज की सावधानी, कल का भविष्य के सम्बन्ध में वर्तमान पीढ़ी को बताना आवश्यक है। वर्तमान पीढ़ी को सजग कर उन्हें यह बताना आवश्यक है कि छोटा परिवार सुखी परिवार की कहावत को चरितार्थ करते हुए परिवार नियोजन आदि साधन-सुविधाओं का उपयोग करना आवश्यक है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.शशि गुप्ता ने इस अवसर पर कहा कि छोटे परिवार रखने वाले दम्पत्ति के लिये राज्य सरकार द्वारा प्रेरणा योजना बनाई गई है। इसमें परिवार नियमों का पालन करके 19 हजार रूपये की राशि नगद प्राप्त कर सकते हैं। शासन द्वारा मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना के अन्तर्गत 16 हजार रूपये और परिवार नियोजन कार्यक्रम अपनाने पर 1400 रूपये का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने आव्हान किया कि अधिक से अधिक लोग परिवार नियोजन के कार्यक्रम को अपनायें। दो बच्चों के जन्म के बीच में कम से कम 3 वर्ष से अधिक का अन्तर रखें।

सेवा प्रदायगी पखवाड़ा मनाया जायेगा

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.राजू निदारिया ने इस अवसर पर कहा कि परिवार विकास मेला परिवार नियोजन के उस कार्यक्रम के अन्तर्गत है, जो लगभग 15 दिन पूर्व से विभाग द्वारा ग्राम स्तर तक चलाया जा रहा है। विभाग द्वारा 26 जून से 10 जुलाई तक योग्य दम्पत्तियों से सम्पर्क कर उन्हें परिवार नियोजन के स्थाई एवं अस्थाई साधनों को अपनाने हेतु प्रेरित करने का काम किया जा रहा है। बुधवार 11 जुलाई से 24 जुलाई तक सेवा प्रदायगी पखवाड़ा मनाया जायेगा। पखवाड़े के अन्तर्गत प्रेरित किये गये दम्पतियों को परिवार नियोजन की सेवाएं नि:शुल्क उपलब्ध कराई जायेंगी और शासन द्वारा प्रदत्त समस्त प्रकार के आर्थिक लाभ प्रदान किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में पुरूष नसबन्दी परिवार नियोजन की विधि को अपनाने के लिये पुरूषों को आगे आना चाहिये। परिवार की लगभग 90 प्रतिशत जिम्मेदारियां महिला के ऊपर ही होती हैं, इसलिये परिवार की जिम्मेदारियों में अपनी भागीदारी बढ़ाने के लिये पुरूषों को एनएसव्ही को अपनाना चाहिये। यह पद्धति पूर्णत: सुरक्षित एवं बिना चीरा-टांके वाली प्रक्रिया है। इस प्रक्रिया में केवल 10-15 मिनिट का समय लगता है और साथ ही पुरूषों को 2 हजार रूपये प्रदाय किये जाते हैं। इस अवसर पर डॉ.एमएल मालवीय, डॉ.सीएम पौराणिक, सुश्री शोभा चौहान, श्रीमती सर्वरी उबाले, नर्सिंग महाविद्यालय की छात्र-छात्राएं, विभागीय अधिकारी कर्मचारी आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन डॉ.संदीप नाडकर्णी ने किया और आभार डॉ.जीएस धवन ने किया।                                               (फोटो संलग्न)

क्रमांक 2008                                                                                                            एसके उज्जैनिया/जोशी