July 19, 2018

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“सफलता की कहानी” प्रदेश की तरक्की की इबारत में एक पन्ना और जुड़ा –मुख्यमंत्री संबल योजना, बिल माफ हुआ तो ऐसा लगा जैसे सिर से बहुत बड़ा बोझ उतर गया –उर्मिलाबाई, संबल योजना के अन्तर्गत 75 हजार रूपये का बकाया माफ

URMILABAI.JPG    उज्जैन 12 जुलाई। आगर रोड निवासी 65 वर्षीय उर्मिलाबाई मजदूरी करती हैं। जिन्दगीभर मजदूरी के दौरान बहुत बोझ उठाया, लेकिन बिजली के भारी-भरकम बिल का बोझ उठाना उनके बस की बात नहीं थी। मजदूरी में इतनी आय नहीं होती थी कि हर महीने बिजली का बिल समय पर भर सकें। धीरे-धीरे बिल की राशि 75 हजार रूपये तक हो गई। इतनी बड़ी रकम को कैसे अदा करेंगी, इस बात की चिन्ता हमेशा उर्मिलाबाई को लगी रहती थी। हर वक्त बिजली का कनेक्शन कटने का डर लगा रहता था। गरीब बनाकर वैसे ही किस्मत ने जिन्दगी में कम अंधेरा नहीं किया था। अब घर से बिजली कनेक्शन कट जाने के दौरान हमेशा के लिये अंधेरा होने का डर सताता रहता था।

ऐसे में मुख्यमंत्री संबल योजना उर्मिलाबाई के लिये डूबते को तिनके का सहारा साबित हुई। गत दिवस मुख्यमंत्री संबल योजना के अन्तर्गत आयोजित हितग्राहियों को प्रमाण-पत्र वितरण कार्यक्रम में आई उर्मिलाबाई ने बताया कि उन्होंने कुछ समय पहले मुख्यमंत्री असंगठित मजदूर कल्याण योजना के अन्तर्गत पंजीयन कराया था। पिछले महीने ही उन्होंने बिल माफी का आवेदन दिया था, लेकिन उन्हें यह उम्मीद नहीं की कि इतने कम समय में उनका बिजली का बिल माफ हो जायेगा। उनका कहना है कि आज तक उन्होंने शासन की ऐसी योजना नहीं देखी। बिजली बिल माफी का प्रमाण-पत्र उर्मिलाबाई के हाथों में आया तो उन्हें यकीन नहीं हो रहा था।

इसके पहले उर्मिलाबाई बिजली का बिल भरने के लिये कर्जा लेने का सोच रही थी, लेकिन मुख्यमंत्री संबल योजना की वजह से अब उन्हें किसी के सामने हाथ फैलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। और तो और अब जुलाई से प्रतिमाह मात्र 200 रूपये का बिल आयेगा, जोकि सोने पर सुहागा जैसी बात होगी। उर्मिलाबाई कहती हैं कि अब जो पैसा बचेगा, उससे जाहिर तौर पर उनकी गरीबी दूर होने में मदद मिलेगी। वे अपने और परिवार का भरण-पोषण और बेहतर तरीके से कर सकेंगी और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई भी अच्छे से कर सकेंगी। उर्मिलाबाई मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को गरीबों के लिये इस अदभुत और अद्वितीय योजना शुरू करने पर कोटि-कोटि धन्यवाद देती हैं।      (फोटो संलग्न)

क्रमांक 2013                                                                                                                 अनिकेत शर्मा/जोशी