September 21, 2018

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शिप्रा की जलकुंभी बहाएं, स्वच्छ बनाएं एवं वृक्षारोपण कराएं, संभागायुक्त ने संभागीय समीक्षा बैठक में दिए निर्देश

उज्जैन 17 जुलाई। वर्तमान में बारिश से शिप्रा नदी की पूरी जलकुंभी बहकर मंगलनाथ व सिद्धवट क्षेत्र में पहुंच गई है, अब इसे आगे स्टॉपडैम के गेट खोलकर बहा दिया जाए। शिप्रा नदी के जल एवं घाटों को स्वच्छ एवं साफ बनाने के लिए सम्बन्धित विभाग निरन्तर कार्य करे। इसमें जनसहयोग भी लिया जाए। शिप्रा के दोनों किनारों पर वृक्षारोपण किया जाए। कालिदास अकादमी स्थित कमल तालाब की साफ-सफाई एवं सौन्दर्यीकरण भी कराया जाए।

संभागायुक्त श्री एमबी ओझा ने आज मंगलवार को संभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक में ये निर्देश नगर निगम, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं वन विभाग को दिए। बैठक में संयुक्त आयुक्त श्री प्रतीक सोनवलकर, उपायुक्त श्री पवन जैन, महाकाल मन्दिर प्रशासक श्री अभिषेक दुबे एवं अन्य सभी संभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

अन्य मन्दिरों की श्रेष्ठ व्यवस्थाएं महाकाल मन्दिर में लागू करें

संभागायुक्त ने मन्दिर प्रशासक श्री अभिषेक दुबे को निर्देश दिए कि श्री महाकालेश्वर मन्दिर में देश के अन्य प्रसिद्ध मन्दिरों की श्रेष्ठ व्यवस्थाओं को लागू किया जाए। श्री दुबे ने बताया कि वे हाल ही में शिरडी एवं शिगनापुर मन्दिरों की व्यवस्थाओं के अध्ययन करने के लिए गए थे। वहां की श्रेष्ठ व्यवस्थाओं को यहां लागू किया जाएगा। संभागायुक्त ने सेगांव मन्दिर की व्यवस्थाओं को भी उत्तम बताया।

312 करोड़ की राशि माफ

सरकार की बिजली बिल माफी की सरल योजना के अन्तर्गत के अन्तर्गत स्थान-स्थान पर शिविर लगाकर हितग्राहियों को लाभ दिए जाने के निर्देश बिजली विभाग को दिए गए। बिजली विभाग के अधिकारी ने बताया कि संभाग में विद्युत शिविर आयोजित किए जाकर अब तक 312 करोड़ रूपये की बिजली बिल की राशि माफ कर दी गई है।

16 लाख 20 हजार हेक्टेयर में सोयाबीन

संभागायुक्त श्री ओझा द्वारा कृषि विभाग की समीक्षा में बताया गया कि संभाग के सभी जिलों में बोवनी लगभग पूर्ण हो चुकी है। इस बार भी संभाग में सर्वाधिक 16 लाख 20 हजार हेकटेयर क्षेत्र में सोयाबीन की फसल लगाई गई है। इसमें सोयाबीन की 9560 किस्म 60 प्रतिशत क्षेत्र में तथा 9305 किस्म 40 प्रतिशत सोयाबीन क्षेत्र में लगाई गई है। यह किस्म 90 से 95 दिन में पककर तैयार हो जाती है। संभाग के सभी जिलों में पर्याप्त खाद है, खाद की जरूरत नहीं है। वर्षा भी इस बार बेहतर है। गत वर्ष अब तक औसत 262 मिमी वर्षा हुइ्र थी, जबकि इस बार अभी तक औसत 343 मिमी वर्षा उज्जैन संभाग में हो चुकी है।

संबल योजना में पंजीयन कम क्यों?

संबल योजना के अन्तर्गत असंगठित मजदूरों के पंजीयन की समीक्षा में पाया गया कि उज्जैन नगरीय क्षेत्र में अपेक्षाकृत पंजीयन कम है। इस पर संभागायुक्त ने नगर निगम के सम्बन्धित अधिकारी (सुबोध जैन) के विरूद्ध अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए कार्य की गति बढ़ाने के निर्देश बैठक में उपस्थित नगर निगम के अधिकारी को दिए।

 

बरसाती बीमारियों की रोकथाम एवं उपचार के उपाय कर लें

संभागायुक्त ने संयुक्त संचालक स्वास्थ्य को निर्देश दिए कि विभिन्न बरसाती बीमारियों की रोकथाम एवं उपचार के लिये संभाग के सभी जिलों के सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में पर्याप्त उपाय कर लिए जाएं। बीमारियों की रोकथाम के लिए आमजन को आवश्यक सलाह दी जाए, साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए तथा लोगों को स्वच्छ जल पीने एवं बीमारी होने पर तुरन्त निकट के स्वास्थ्य केन्द्र में इलाज कराने के लिए कहा जाए। सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में आवश्यक दवाओं के साथ ही चिकित्सा व्यवस्था हो। ऐसे क्षेत्र जहां बरसात के मौसम में आवागमन सुचारू नहीं रहता, वहां पर्याप्त दवाओं का स्टॉक रखा जाए।                                                  (फोटो संलग्न)

क्रमांक 2040                                                                                                               पंकज मित्तल/जोशी