October 21, 2018

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जिले के 8 लोक सेवा केन्द्रों पर विभिन्न विभागों की नागरिक सुविधाएं हुई आसान, अधिनियम के लागू होने से अब तक जिले में 9 लाख से अधिक आवेदकों को उपलब्ध करवाई सेवाएं

उज्जैन 22 सितम्बर। राज्य शासन ने वर्ष 2010 में लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी अधिनियम लागू किया है। इस अधिनियम से नागरिकों को विभिन्न विभागों की सुविधाएं आसान तरीके से उपलब्ध हो रही है। उज्जैन जिले के आठ लोक सेवा केन्द्रों के माध्यम से नागरिकों को सुविधाएं सहज रूप से समय-सीमा में दी जा रही है। जिले में अधिनियम के लागू होने से अब तक नौ लाख 69 हजार 800 आवेदकों ने निर्धारित विभागों से सेवाएं मांगी गई थी। इनमें से अब तक नौ लाख 31 हजार 140 नागरिकों को समय-सीमा में सेवाएं दी जा चुकी हैं। शेष समय-सीमा के बाहर एवं समय-सीमा के अन्दर कुल 35 हजार 589 आवेदन-पत्र लम्बित हैं।

लोक सेवा प्रबंधन उज्जैन के प्रभारी श्री ओ.एन.श्रीवास्तव ने यह जानकारी देते हुए बताया कि लोक सेवा केन्द्रों पर समय-समय पर प्राप्त आवेदनों से चाही गई सेवाएं निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध करवाई जा रही है। इससे अब आमजन को यह सुविधाएं समय पर और अधिकारपूर्वक प्राप्त होने लगी हैं। अब धीरे-धीरे अधिनियम से सार्थक परिणाम सामने आ रहे हैं। नागरिकों की सुविधा के लिये जो अन्य सेवाएं जरूरी होंगी, उन्हें भी समय-समय पर राज्य सरकार द्वारा इस अधिनियम के दायरे में लाये जाने का प्रयास किया जायेगा। श्री श्रीवास्तव ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा लागू किया गया यह अधिनियम सुशासन के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण अभिनव प्रयास है। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के द्वारा आमजन के याचना भाव को शक्ति में बदल दिया गया है। इसका उद्देश्य भी यह है कि सुशासन से आम जनता के जो दैनिक कार्य होते हैं, उन्हें पूरा करने के लिये लोक सेवक सतर्क रहें और सेवा प्रदान करने के लिये अपने उत्तरदायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करें।

उज्जैन जिले में अभी तक एक अधिकारी पर जुर्माना हुआ

लोक सेवा प्रबंधन के प्रभारी श्री श्रीवास्तव ने बताया कि अधिनियम के तहत प्रत्येक चिन्हित सेवाओं को प्रदान करने के लिये समय-सीमा निर्धारित की है। तय सीमा में जानकारी न देने पर लोक सेवकों पर अर्थदण्ड का प्रावधान भी किया गया है। अर्थदण्ड की राशि लोक सेवक से प्राप्त कर सम्बन्धित आवेदक को प्रतिकर का भुगतान किया जाने का नियम है। अधिनियम के लागू होने से अब तक एक अधिकारी पर जुर्माना किया गया है। यह जुर्माना निर्धारित समय-सीमा में जानकारी न उपलब्ध कराने पर सहायक श्रम अधिकारी श्री महेश मिश्रा पर 3250 रूपये का किया गया है।

सर्वाधिक आवेदन-पत्र लोक सेवा केन्द्र नगर निगम में प्राप्त

समय-सीमा में निराकरण भी नगर निगम उज्जैन में हुए

लोक सेवा केन्द्र नगर निगम उज्जैन में अधिनियम के लागू होने से अब तक दो लाख 38 हजार 57 आवेदकों ने विभिन्न विभागों से सेवाएं लेने के लिये आवेदन-पत्र दिये थे। लोक सेवा केन्द्र नगर निगम ने इनमें से दो लाख 11 हजार 290 आवेदकों को विभिन्न विभागों के अधिकारियों से नागरिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई गईं। सबसे कम आवेदन अब तक लोक सेवा केन्द्र नागदा में प्राप्त हुए। यहां पर 76 हजार 637 आवेदकों ने सेवाओं के लिये आवेदन-पत्र दिये थे। इनमें से अब तक 72 हजार 757 आवेदकों को सुविधाएं मुहैया कराई गई। इसी प्रकार लोक सेवा केन्द्र महिदपुर लोक सेवा केन्द्र में अब तक एक लाख 20 हजार 784 आवेदकों ने सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिये आवेदन-पत्र दिये थे। इनमें से अभी तक एक लाख 19 हजार 221 आवेदकों को सुविधा उपलब्ध करवाई गई। लोक सेवा केन्द्र घट्टिया में अधिनियम के लागू होने से अब तक एक लाख चार हजार 274 आवेदकों के प्राप्त आवेदनों में से एक लाख तीन हजार 321 आवेदकों को सेवाएं उपलब्ध करवाई गई। लोक सेवा केन्द्र तराना में अब तक एक लाख 65 हजार 826 प्राप्त आवेदनों में से एक लाख 64 हजार 536 आवेदकों को समय पर सेवाएं उपलब्ध करवाई गई। लोक सेवा केन्द्र उज्जैन में योजना के लागू होने से अब तक 78 हजार 821 प्राप्त आवेदनों में से 77 हजार 810 आवेदकों को सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई है। इसी तरह लोक सेवा केन्द्र बड़नगर में अब तक एक लाख एक हजार 906 प्राप्त आवेदनों में से 99 हजार 874 आवेदकों को सेवाएं उपलब्ध कराई गई।

23 विभागों की 164 सेवाओं को अधिनियम के दायरे में लिया गया

इनमें 110 सेवाओं के ऑनलाइन आवेदन

म.प्र.लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी अधिनियम 2010 नागरिक अधिकारों को सशक्त बनाने का मध्य प्रदेश सरकार ने अभिनव प्रयास किया है। पूर्व में अधिनियम के अन्तर्गत सर्वप्रथम नौ विभागों की 26 सेवाओं को शामिल किया गया था। अब राज्य सरकार ने 23 विभागों की 164 सेवाओं को अधिनियम के दायरे में लिया गया है। वर्तमान में अधिसूचित 164 सेवाओं में 110 सेवाओं के ऑनलाइन आवेदन लिये जा रहे हैं। जिले के आम नागरिकों को सरलतापूर्वक अधिसूचित सेवाएं प्राप्त हो सके, इसको ध्यान में रखते हुए राज्य शासन द्वारा मध्य प्रदेश के साथ-साथ उज्जैन जिले में आठ लोक सेवा केन्द्र बनाये गये हैं, जिनके माध्यम से आवेदन लेकर समय-सीमा में जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। अधिनियम के तहत सामान्य प्रशासन विभाग की अधिसूचित सेवा ‘जाति प्रमाण-पत्र प्रदाय’ को जुलाई-2014 से लोक सेवा केन्द्रों के माध्यम से स्कूलों के छात्र-छात्राओं को जाति प्रमाण-पत्र प्रदान करने सम्बन्धी अभियान का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया गया।

-संतोष कुमार उज्जैनिया (मो.नं.-9425379653)

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