February 20, 2018

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हर ग्राम पंचायत में कम से कम 05 मनरेगा के काम स्वीकृत होंगे, प्राथमिकता कपिल धारा एवं तालाब निर्माण को, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री जुलानिया ने ली समीक्षा बैठक

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उज्जैन 24 सितम्बर। अतिरिक्त मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्री आर.एस.जुलानिया ने संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर्स को निर्देश दिये हैं कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक तालाब और एक कपिल धारा कूप का निर्माण अनिवार्य रूप से किया जाये। साथ ही प्रत्येक ग्राम पंचायत में कम से कम पांच कार्य मनरेगा योजना अन्तर्गत खोले जायें। श्री जुलानिया ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की संभागीय समीक्षा में उक्त आशय के निर्देश दिये। बैठक में संभागायुक्त डॉ.रवीन्द्र पस्तोर, मनरेगा आयुक्त श्री रघुराज राजेन्द्र, पंचायत विभाग के आयुक्त श्री संतोष मिश्रा सहित संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री आवास योजना में लापरवाही बरतने पर परियोजना अधिकारी बर्खास्त

बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव द्वारा सर्वप्रथम मुख्यमंत्री आवास योजना की समीक्षा की गई तथा निर्देश दिये कि 30 अक्टूबर तक संभाग में स्वीकृत किये गये कुल सात हजार 922 मुख्यमंत्री आवासों को पूर्ण किया जाये। मुख्यमंत्री आवास योजना में लापरवाही बरतने पर रतलाम के परियोजना अधिकारी को तुरन्त बर्खास्त करने के निर्देश दिये हैं। अनुबंध पर कार्यरत रतलाम जिला पंचायत के परियोजना अधिकारी श्री चौबे द्वारा मुख्यमंत्री आवास योजना में जिले के पूर्ण आवासों की संख्या वितरित किये गये ऋण की संख्या से अधिक होने पर संतोषजनक उत्तर नहीं दिया गया। इस सम्बन्ध में परियोजना अधिकारी द्वारा जिले के कलेक्टर एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को भी अवगत नहीं कराया गया था। परियोजना अधिकारी को बर्खास्त करने के साथ ही उन्होंने सभी कलेक्टर एवं सीईओ को निर्देश दिये कि अनुबंध पर रखे गये अधिकारी-कर्मचारी यदि काम नहीं करते हैं तो उन्हें एक माह का वेतन देकर हटा दिया जाये। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कहा कि यदि नियमित कर्मचारी ठीक से काम नहीं करते हैं तो उनकी अनिवार्य सेवा निवृत्ति के प्रकरण मुख्यालय भेजे जायें।

अतिरिक्त मुख्य सचिव द्वारा हितग्राही एवं रोजगारमूलक योजनाओं की भी समीक्षा की गई। उन्होंने चलित बैंक का कार्य करने वाले बैंकिंग करस्पाँडेंट को सप्ताह में चार दिन ग्राम पंचायत में बैठने के निर्देश दिये। साथ ही उन्होंने स्टेट लेवल के लीड बैंक अधिकारी को कहा कि सप्ताह में दो दिन सभी बैंक शाखाओं में पेंशन एवं मनरेगा के भुगतान के लिये प्राथमिकता से कार्य हो, यह सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने जिला कलेक्टरों व लीड बैंक मैनेजर्स को निर्देशित

किया कि मुख्यमंत्री आवास योजना सहित अन्य हितग्राहीमूलक योजनाओं में स्क्रूटनिंग के बाद सेंक्शन के लिये फीट केसों को ही भेजा जाये, जिससे बैंक ब्रांच में अनावश्यक प्रकरणों की संख्या न बढ़े। सभी मामलों में उन्होंने डिस्बर्समेंट के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जो बैंक सेंक्शन के बाद दूसरी या तीसरी किश्त जानबूझ कर नहीं देते हैं उनको इंटरेस्ट सब्सिडी नहीं दी जायेगी।

आधार सीडिंग का कार्य 30 नवम्बर तक पूर्ण हो

बैठक में बैंकर्स को निर्देश दिये गये कि जितने भी हितग्राहीमूलक खाते हैं, उन सभी को आधार से जोड़ा जाये। साथ ही उन्होंने संभाग में मनरेगा हितग्राहियों के कुल दो लाख 68 हजार संयुक्त खातों को 30 नवम्बर तक पृथक-पृथक करने के निर्देश दिये हैं। इसी के साथ उन्होंने 15 अक्टूबर तक हितग्राहीमूलक योजनाओं में सभी प्रकरणों में बैंकों द्वारा स्वीकृति की प्रक्रिया पूर्ण करने को कहा है एवं विकास खण्ड स्तर के अधिकारी व जिला अधिकारी मिलकर बैंक के डॉक्यूमेंटेशन का काम पूरा करेंगे। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री आवास योजना में एनपीए होने वाले कुल 5536 खाताधारियों की जांच फिल्ड में जाकर करने को कहा है।

खेत सड़क योजना में नियमों का पालन हो

मनरेगा के अन्तर्गत विभिन्न ग्रामों में ली गई खेत सड़क योजनाओं में योजना के निर्देशों का पालन कर सड़क बनाने के लिये अतिरिक्त मुख्य सचिव द्वारा हिदायत दी गई। उन्होंने कहा कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के स्पष्ट निर्देश हैं कि किस तरह से सड़कों का रिकार्ड बनाया जायेगा व इनको पूर्ण किया जायेगा, किन्तु बिना वाजिब उलअर्ज निस्तार पत्रक में दर्ज किये ही सैकड़ों खेत सड़क स्वीकृत कर दी गई है, जो उचित नहीं है। उन्होंने निर्माणाधीन सड़कें स्पेसिफिकेशन के मुताबिक बनाने को कहा तथा इन सड़कों का निरीक्षण करने के निर्देश आरईएस को दिये। उन्होंने कहा कि इस तरह की एक से अधिक सड़कें गांव में न बनाते हुए प्रत्येक गांव में एक सड़क स्वीकृत की जाये।

कपिल धारा कुए अब हितग्राहियों द्वारा ही बनाये जायेंगे

अतिरिक्त मुख्य सचिव ने मनरेगा योजना की समीक्षा करते हुए निर्देश दिये कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक कपिल धारा कुआ अवश्य स्वीकृत किया जाये। स्वीकृति में वर्तमान में प्रचलित क्रियान्वयन एजेन्सी ग्राम पंचायत के स्थान पर स्वयं हितग्राही को बनाया जायेगा। इस आशय के दिशा-निर्देश शीघ्र जारी होंगे। उन्होंने कहा कि हर ग्राम पंचायत में कम से कम पांच कार्य स्वीकृत होना चाहिये। ऐसा न हो कि एक ही ग्राम में 20-25 कार्य स्वीकृत कर दिये जायें। पांच से अधिक कार्य किसी भी ग्राम पंचायत में स्वीकृत नहीं होंगे। प्राथमिकता के आधार पर प्रत्येक ग्राम में एक तालाब, एक कपिल धारा कुआ, एक सीसी रोड, मोक्षधाम और खेत सड़क स्वीकृत किये जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि खुले में शौच से मुक्त ग्राम पंचायतों में शत-प्रतिशत सीमेन्ट-कांक्रीट का कार्य नाली निर्माण सहित हाथ में लिया जा सकता है। कपिल धारा एवं फार्मपोंड दोनों को मिलाकर एकीकृत कपिल धारा योजना के दिशा-निर्देश शीघ्र जारी किये जायेंगे। उन्होंने सभी कलेक्टर्स को कहा कि मनरेगा में मेड़बंधान एवं केटल शेड के नये प्रकरण स्वीकृत नहीं किये जायें।

बैठक में उज्जैन कलेक्टर श्री संकेत भोंडवे, देवास कलेक्टर श्री आशुतोष अवस्थी, मंदसौर कलेक्टर श्री स्वतंत्र कुमार, रतलाम कलेक्टर श्री बी.चन्द्रशेखर, शाजापुर कलेक्टर श्रीमती अलका गुप्ता, आगर कलेक्टर श्री डी.पी.सिंह, नीमच कलेक्टर श्री रजनीश श्रीवास्तव, सभी जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से जुड़े संभागीय एवं जिला प्रमुख उपस्थित थे।

-हरिशंकर शर्मा (मो.नं.-9424863313) (फोटो संलग्न)

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