February 20, 2018

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जिले को खुले में शौच से मुक्त करने का अभियान, विकास खण्ड घट्टिया 31 अक्टूबर तक तथा बड़नगर 15 नवम्बर तक खुले में शौच से मुक्त घोषित हो जायेंगे, जिला स्तरीय कार्यशाला में कलेक्टर श्री भोंडवे ने तेजी से कार्य करने के दिये निर्देश

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उज्जैन 06 अक्टूबर। उज्जैन जिले को खुले में शौच से मुक्त करने के अभियान ने अब गति पकड़ ली है। विकास खण्ड घट्टिया आगामी 31 अक्टूबर तक तथा बड़नगर विकास खण्ड 15 नवम्बर तक खुले में शौच से मुक्त घोषित कर दिये जायेंगे। इस दिशा में तेजी से कार्य चल रहा है। घट्टिया विकास खण्ड की आधी से ज्यादा ग्राम पंचायतें खुले में शौच से मुक्त हो चुकी हैं। बड़नगर में भी ग्राम पंचायतें तेजी से यह लक्ष्य अर्जित करने के लिये आगे बढ़ चुकी हैं। इस सम्बन्ध में एक जिला स्तरीय कार्यशाला-सह-समीक्षा बैठक स्थानीय पॉलीटेक्निक सभाकक्ष में आयोजित हुई।

गुरूवार को आयोजित इस कार्यशाला में कलेक्टर श्री संकेत भोंडवे ने दोनों विकास खण्डों से आये ग्रामीण विकास विभाग के मैदानी अमले को निर्देश दिये कि अपने विकास खण्ड को खुले में शौच से मुक्त करने के लिये तेजी से जुट जायें। इसके लिये वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा भी अब सघन भ्रमण किये जायेंगे। बच्चों की टोलियां भी नियुक्त की जा रही हैं, जो खुले में शौच जाने वालों को हतोत्साहित करेगी। सुबह-सुबह प्रभात फेरियां निकलेंगी। इनके अलावा कोटवार, आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं, मध्याह्न भोजन के रसोईये, महिलाओं के दल, अशासकीय संस्थाएं तथा अन्य शासकीय अमला भी आगे बढ़-चढ़कर कार्य करेगा। इस कार्यशाला में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती रूचिका चौहान, सहायक कलेक्टर सुश्री रानी बंसल तथा दोनों विकास खण्डों की जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, पंचायत समन्वयक अधिकारीगण तथा ग्राम पंचायतों के सचिव आदि उपस्थित थे।

ओडीएफ के दृष्टिगत बैंक शाखाएं भी एक-एक गांव गोद लेंगी

कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए कलेक्टर श्री संकेत भोंडवेने कहा कि हम एक तय समय-सीमा में जिले को ओडीएफ (ओपन डेफीकेशन फ्री) अर्थात खुले में शौच से मुक्त घोषित करने के लिये दृढ़ संकल्पित हैं। इसके लिये व्यापक स्तर पर जागरूकता उत्पन्न की जायेगी। जिले की बैंक शाखाएं भी अपने क्षेत्र के एक-एक गांव गोद लेकर वहां खुले में शौच से मुक्त करने की दिशा में कार्य करेंगी। कलेक्टर ने बड़नगर तथा घट्टिया विकास खण्डों को इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिये तिथिवार ग्राम पंचायतों की संख्या निर्धारित की।

शत-प्रतिशत ओडीएफ पंचायतों के फोटो अपलोड करें

कार्यशाला में कलेक्टर ने निर्देश दिये कि जो ग्राम पंचायतें ओडीएफ हो चुकी हैं, उनके फोटोग्राफ पोर्टल पर शत-प्रतिशत रूप से अपलोड कर दिये जायें। आगामी 14 अक्टूबर तक बेसलाइन सर्वेक्षण पूर्ण कर लें। जो पंचायतें ओडीएफ हो चुकी हैं, उनमें सॉलीड वेस्ट मैनेजमेंट के लिये 22 अक्टूबर तक डीपीआर तैयार कर ली जाये।

प्रत्येक मासिक बैठक में 5 अच्छी पंचायतें पुरस्कृत होंगी

कलेक्टर ने कार्यशाला में कहा कि ग्रामीण विकास का मैदानी अमला सौभाग्यशाली है कि उसे गरीब, कमजोर वर्गों के उत्थान का मौका मिला है। पंचायतें आम आदमी के उत्थान की दिशा में अच्छे से अच्छा कार्य करें। प्रत्येक मासिक बैठक में अच्छा काम करने वाली पांच पंचायतों को चयनित कर पुरस्कृत किया जायेगा। उन्होंने इस सम्बन्ध में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी को निर्देश दिये। कलेक्टर ने प्रत्येक माह की 27 से 30 तारीख में एमआईएस कैम्प आयोजित करने के निर्देश दिये। एमआईएस के लिये उपयंत्री जिम्मेदार होंगे।

सभी पंचायतों में ‘आनन्द घर’ बनेंगे

कार्यशाला में जिले के नागदा में बनाये गये ‘आनन्द घर’ की फिल्म दिखाई गई। ‘आनन्द घर’ में वरिष्ठजनों के लिये मनोरंजन, खानपान, खेल, स्वास्थ्य परीक्षण इत्यादि सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। यहां बुजुर्ग अपना समय बिता सकते हैं। कलेक्टर ने कहा कि जिले की सभी पंचायतों में ऐसे आनन्द घर बनाये जायेंगे।

इन्दौर जिले की फिल्म प्रदर्शित की गई

कार्यशाला में इन्दौर जिले में सम्पन्न ओडीएफ अभियान की फिल्म भी प्रदर्शित की गई। मैदानी अमले को प्रेरणा देने के उद्देश्य से प्रदर्शित फिल्म में बताया गया कि किस प्रकार इन्दौर जिले में ओडीएफ की दिशा में बच्चों तथा अन्य व्यक्तियों द्वारा कार्य किया गया है।

-शकील खान (मो.नं.-9826632452)

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