February 20, 2018

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सिंहस्थ-2016

संदर्भ सामग्री

 

विक्रम संवत् 2073

 

सिंहस्थ 2016

तैयारियां एक दृष्टि में

(UPDATED on 15.03.2016)

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सिंहस्थ-2016 : आस्था का कुंभ

सिंहस्थ उज्जैन का महान धार्मिक पर्व है। बारह वर्षो के अंतराल से यह पर्व तब मनाया जाता है जब बृहस्पति सिंह राशि पर स्थित रहता है। पवित्र शिप्रा नदी में पुण्य स्नान की विधिया चैत्र मास की पूर्णिमा से प्रारम्भ होती है और पूरे मास में वैशाख पूर्णिमा के अंतिम स्नान तक विभिन्न तिथियों में संपन्न होती है।

उज्जैन में आयोजित होने वाले इस भव्य समारोह के लिए विभिन्न पारंपरिक कारक ढूँढे जा सकते हैं। पुराणों के अनुसार देवों और दानवों के सहयोग से सम्पन्न समुद्र मंथन से अन्य वस्तुओं के अलावा अमृत से भरा हुआ एक कुम्भ (घड़ा) भी निकला था।

देवता दानवों के साथ अमृत नहीं बाँटना चाहते थे। देवराज इंद्र के संकेत पर उनके पुत्र जयन्त ने अमृत कुम्भ लेकर भागने की चेष्टा की, तो ऐसे में स्वाभाविक रूप से दानवों ने उनका पीछा किया। अमृत-कुम्भ के लिए स्वर्ग में बारह दिन तक संघर्ष चलता रहा और परिणामस्वरूप हरिद्वार, प्रयाग, उज्जैन और नासिक में अमृत की कुछ बूँदें गिर गयीं। यहाँ की पवित्र नदियों को अमृतकी बूँदें प्राप्त हुईं। अमृत कुम्भ के लिए स्वर्ग में बारह दिनों तक संघर्ष हुआ, जो धरती पर बारह वर्ष के बराबर है। उज्जैन में मेष राशि में सूर्य और सिंह राशि में गुरु के आने पर सिंहस्थ कुम्भ का आयोजन होता है । सभी चार स्थानों के लिए बारह वर्ष का यह चक्र समान है।

आगामी सिंहस्थ

सिंहस्थ हेतु निम्नानुसार 10 योग वांछित होते हें

  • सिंह राशि में गुरु (बृहस्पति)
  • मेष राशी का सूर्य
  • तुला का चन्द्रमा
  • वैशाख मास
  • शुक्ल पक्ष
  • पूर्णिमा तिथि
  • कुशस्थली- उज्जयिनी तीर्थ
  • स्वाति नक्षत्र
  • व्यतिपात योग
  • सोमवार

सिंहस्थ के प्रतिभागी अखाड़े

 

क्र. अखाड़े  का नाम पता
01 पंचायती अखाड़ा

श्री निरंजनी

हनुमंतबाग बड़नगर रोड,

उज्जैन

02 श्री पंचायती आनन्द अखाड़ा बड़नगर रोड,

उज्जैन

03 श्री गुरुदत्त अखाड़ा

(श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा)

क्षिप्रा तट,

उज्जैन

04 श्री पंच दशनामी  आव्हान अखाड़ा सदावल रोड,

उज्जैन

05 श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़ा श्री महाकालेश्वर मंदिर,

उज्जैन

06 श्री शंभू पंच अग्नि अखाड़ा राजराजेश्वर हनुमान मंदिर संख्याराजे धर्मशाला के पास,

देवासगेट, उज्जैन

07 श्री शम्भू पंचायती अटल अखाड़ा दसनाम नागा संन्यासी

( श्री पंच अटल अखाड़ा)

नृसिंह घाट से लालपुर मार्ग, उज्जैन, प्रधान कार्यालय

चाक हनुमान कतुलापुरा, काशी – वाराणसी

08 श्री पंचायती बड़ा उदासीन अखाड़ा रामघाट, उज्जैन
09 श्री पंचायती अखाड़ा नया उदासीन गोलामण्डी उज्जैन, बड़नगर रोड, उज्जैन
10 श्री पंचायती निर्मल अखाड़ा बड़नगर रोड, उज्जैन
11 अखिल भारतीय श्री पंच रामानन्दीय निर्वाणी अखाड़ा मंगलनाथ, उज्जैन
12 अखिल भारतीय श्री पंच रामानन्दीय अखाड़ा (श्री पंच दिगम्बर अणि  अखाड़ा) अंकपात, मंगलनाथ मार्ग, उज्जैन
13 मोक्ष धाम निर्मोही अखाड़ा

(श्री पंच रामानन्दीय निर्मोही अनि अखाड़ा)

श्री राम मंदिर खाक चौक, उज्जैन

 

 

 

 

 

 

 

 

पर्व स्नान की तिथियां

आगामी सिंहस्थ-2016 का आयोजन चैत्र शुक्ल 15 शुक्रवार 22 अप्रैल से वैशाख शुक्ल 15 शनिवार 21 मई 2016 तक होगा। इस दौरान पर्व का आरम्भ स्नान चैत्र शुक्ल 15 शुक्रवार 22 अप्रैल 2016 को होगा। प्रमुख स्नान वैशाख शुक्ल 15 शनिवार 21 मई 2016 को होगा।

ज्योतिषाचार्य पं.आनन्दशंकर व्यास द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार सिंहस्थ-2016 के  पर्व स्नान इस प्रकार होंगे-

  1. पर्व का आरम्भ स्नान चैत्र शुक्ल 15 शुक्रवार दिनांक 22 अप्रैल 2016
  2. व्रत पर्व वरूथिनी एकादशी वैशाख कृष्ण 11 मंगलवार दिनांक 03 मई 2016
  3. पर्व वैशाख कृष्ण 30 शुक्रवार दिनांक 06 मई 2016
  4. पर्व अक्षय तृतीया वैशाख शुक्ल 3 सोमवार दिनांक 09 मई 2016
  5. पर्व शंकराचार्य जयन्ती वैशाख शुक्ल 5 बुधवार दिनांक 11 मई 2016
  6. वृषभ संक्रान्ति पर्व वैशाख शुक्ल 9 रविवार दिनांक 15 मई 2016
  7. मोहिनी एकादशी पर्व वैशाख शुक्ल 11 मंगलवार दिनांक 17 मई 2016
  8. प्रदोष पर्व वैशाख शुक्ल 13 गुरूवार दिनांक 19 मई 2016
  9. नृसिंह जयन्ती पर्व वैशाख शुक्ल 14 शुक्रवार दिनांक 20 मई 2016
  10. प्रमुख स्नान वैशाख शुक्ल 15 शनिवार दिनांक 21 मई 2016
    • वार्षिक पंचेशानि यात्रा, वैशाख कृष्ण 9, दिनांक 1 मई, 2016 (रविवार) से वैशाख कृष्ण 30, दिनांक 6 मई, 2016 (शुक्रवार) तक

शाही स्नानों की तिथियाँ

  1. पर्व का आरम्भ स्नान चैत्र शुक्ल 15 शुक्रवार दिनांक 22 अप्रैल 2016
  2. पर्व अक्षय तृतीया वैशाख शुक्ल 3 सोमवार दिनांक 09 मई 2016
  3. प्रमुख स्नान वैशाख शुक्ल 15 शनिवार दिनांक 21 मई 2016

 

 

 

 

 

 

 

सिंहस्थ पड़ाव क्षेत्र के लिये 3061 व सेटेलाईट

टाऊन के लिये 352 हेक्टेयर जमीन अधिसूचित

सिंहस्थ-2016 के लिये उज्जैन कस्बा एवं आसपास के ग्रामों के पटवारी हलकों की कुल 3061 हेक्टेयर जमीन पड़ाव क्षेत्र के लिये और 352 हेक्टेयर सेटेलाईट टाऊन के लिये अधिसूचित की गई है। इसके पूर्व 2004 में हुए सिंहस्थ के लिये 2154.42 हेक्टेयर जमीन अधिसूचित हुई थी। इस हिसाब से पिछले सिंहस्थ से इस बार 1259 हेक्टेयर अधिक क्षेत्र में मेला आयोजित होगा।

 

सिंहस्थ में 6 झोन व 22 सेक्टर

सिंहस्थ-2016 के लिये तैयार की गई कार्य योजना के तहत मेला क्षेत्र एवं शहर को कुल छह झोन एवं 22 सेक्टर में विभक्त किया गया है। प्रत्येक सेक्टर में सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती की जायेगी एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जायेगी।

 

झोन क्रमांक झोन का नाम झोन अंतर्गत आने वाले सेक्टर
01 काल भैरव 01 सिद्धवट, 02 काल भैरव 03 गढ़कालिका
02 मंगलनाथ 04 मंगलनाथ, 05 खिलचीपुर 06 खाकचौक
03 दत्त अखाड़ा 07 रणजीत हनुमान, 08 दत्त अखाड़ा, 09 मुल्लापुरा, 10 उजडखेड़ा -1, 11 उजड़खेड़ा-2, 12 भूखीमाता
04 महाकाल 13 लालपुल, 14 रामघाट, 15 महाकाल, 16  हरसिद्धि, 17 नृसिंहघाट, 18 गोपाल मंदिर 19 चिंतामण गणेश
05 चामुण्डा माता 20 फ्रीगंज
06 त्रिवेणी 21 त्रिवेणी 22 यंत्रमहल

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

सिंहस्थ 2016 विभागवार आवंटित राशि का विवरण

 (राशि करोड़ रुपये में)

 

क्र. विभाग का नाम स्वीकृत कार्यो की संख्या स्वीकृत राशि
01. 02 03 04
1. जल संसाधन विभाग (ओंकारेश्वर के कार्यो सहित) 38 169.72
2. नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण 2 50.06
3. लोक निर्माण विभाग(भवन/पथ) एवं धर्मस्व विभाग के कार्य 104 407.41
4. लोक निर्माण विभाग ( एण्ड एम) (23) 23 25.00
5. लोक निर्माण विभाग (सेतू) 14 186.65
6. .प्र.सड़क विकास निगम 2 9.82
7. लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (ग्रामीण) 20 163.00
8. नगर निगम उज्जैन 58 446.05
() सिंहस्थ 2016 संबंधी कार्य
() लो.स्वा.यां. नगर निगम
9. गृह विभाग (पुलिस) 29 297.06
10. गृह विभाग (होमगार्ड) 6 110.56
11. ऊर्जा विभाग .प्र..क्षे.वि.वि.कम्पनी 47 110.36
12. स्वास्थ्य विभाग (योजना राशि 93.11 करोड़) 2 31.08
13. आयुष विभाग 1 2.30
14. .प्र. राज्य पर्यटन विकास निगम 9 34.67
15. उज्जैन विकास प्राधिकरण 6 33.10
16. मेला कार्यालय 8 43.08
17. इन्दौर विकास प्राधिकरण 2 54.71
18. नगर निगम इन्दौर 3 109.00
19. इन्दौर संभाग के अन्य कार्य 17 61.04
20. नगरीय विकास एवं पर्यावरण विभाग 8 49.84
21. एप्को (संगोष्ठी आयोजन हेतु) 1 5.00
22. .प्र.प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड 1 1.00
23. कलेक्टर उज्जैन (भूअर्जन एवं प्रशिक्षण आदि कार्य हेतु) 2 30.00
24. जनसम्पर्क विभाग 13 50.61
25. जिला पंचायत 13 5.48
26. संस्कृति विभाग 9 48.25
27. पुरातत्व विभाग 1 2.00
28. स्कूल शिक्षा विभाग 1 4.14
29. पशुपालन विभाग 5 5.07
30. वन विभाग (कुल 13 कार्य) 2 4.00
31. रेल्वे विभाग 13 26.95
                       योग 460 2485.44
·         अन्य कार्य सिंहस्थ मद 
32. नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण (नर्मदाक्षिप्रा लिंक) 1 432.00
33. क्षिप्रा नदी पर इन्दौर जिले में विभिन्न 13 घाटों के स्वीकृत प्रस्ताव 13 3.36
34. .प्र.सड़क विकास निगम (बी..टी.) 2 165.85
35 वन विभाग 11 5.39
                       महायोग 487 3092.03

 

सिंहस्थ 2016 का बजट 3092 करोड़

सिंहस्थ-2016 के लिये राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर खजाने के द्वार खोल दिये हैं।  इस बार सिंहस्थ के निर्माण कार्यो हेतु राज्य शासन ने 3092 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं, जबकि गत सिंहस्थ-2004 में 262 करोड़ रूपये का व्यय सिंहस्थ पर किया गया था और गिनेचुने स्थायी प्रकृति के काम हुए थे वहीं इस बार अनेक काम ऐसे हो रहे हैं जो नगर की दिशा और दशा बदल देंगे। कस्बानुमा उज्जैन शहर अब महानगर की तर्ज पर विकसित हो गया है। जो लोग लम्बे समय बाद उज्जैन को देखेंगे, वे इसके परिवर्तित रूप से आश्चर्य चकित होंगे।    

362 करोड़ की सड़कें ; मेट्रो सिटी का अहसास

इस बार सिंहस्थ में केवल सड़कों पर निर्माण के लिये 362 करोड़ का व्यय किया जा रहा है। लगभग सौ नई सड़कें तैयार हो गई हैं। गत सिंहस्थ में लोक निर्माण विभाग का कुल बजट मात्र 51 करोड़ रूपये था। इस बार प्रमुख रूप से इंजीनियरिंग कॉलेज रोड, एमआर-10, एमआर-5 खाक चौक से मंगलनाथ, भरतपुरी से नानाखेड़ा मार्ग को फोरलेन में तब्दील किया जा चुका है। इस पर सेन्ट्रल लाईटिंग भी लग गई है। इन सड़कों की कनेक्टिविटी इनर रिंग रोड से दी गई है।

उज्जैन शहर को 14 नए पुलों की सौगात

 

शिप्रा नदी पर ब्रिज रेल्वे ओव्हर ब्रिज फ्लायओव्हर
1. नृसिंहघाट (पूर्ण)

2. बड़े पुल के समानान्तर पुल (पूर्ण)

3. ऋणमुक्तेश्वर (पूर्णता की ओर)

4. ओखलेश्वर (पूर्ण)

5.मंगलनाथ मंदिर के पीछे  (पूर्ण)

6. कमेढ़ नाले पर (पूर्ण)

7. शांतिपैलेस के पीछे (पूर्ण)

 (इनर रिंग रोड पर)

1. चिंतामण रेल्वे क्रासिंग (पूर्ण)

  (मीटर गेज एवं ब्राडगेज)

2. एम.आर.-10 विक्रम नगर (पूर्ण)

3. एम.आर.- 5 डालडा फैक्ट्री (पूर्ण)

4. जीरो पाइंट (पूर्ण)

  (फ्रीगंज से आगर रोड)

5. मंगरोला के पास से बड़नगर

  रोड की ओर (इनर रिंग रोड पर) (पूर्ण)

1. चिंतामण रोड (पूर्ण)

  (इनर रिंग रोड पर)

2. बड़नगर रोड  (पूर्ण)

  (इनर रिंग रोड पर)

     उपरोक्त पुलों में से लोक निर्माण विभाग (सेतु निगम) द्वारा 10 पुलों के निर्माण पर186 करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे हैं। शेष 04 पुलों की लागत इनररिंग रोड की कुल लागत में शामिल है।

पंचक्रोशी  मार्ग का 63 करोड़ रूपये की लागत से उन्नयन

सिंहस्थ-2016 के अन्तर्गत पंचक्रोशी मार्ग का उन्नयन भी किया जा रहा है। पंचक्रोशी मार्ग के लिये 63 करोड़ 60 लाख रूपये स्वीकृत किये गये हैं। इससे 62 किलो मीटर लम्बे मार्ग के लिये 38 करोड़ 24 लाख रूपये एवं 28.95 किलो मीटर मार्ग के लिये 35 करोड़ 36 लाख रूपये की राशि स्वीकृत की गई है तथा इसका निर्माण पूर्णता की ओर है।

उज्जैन पश्चिम बायपास (पूर्ण)

94.3 करोड़ लागत, 14.29 कि.मी. लम्बाई

सिंहस्थ-2016 के निर्माण कार्यों में प्रमुख है उज्जैन पश्चिम बायपास। 14.29 किलो मीटर लम्बे इस टूलेन रिंग रोड विथ पेव्ड शोल्डर का निर्माण 94.3 करोड़ रूपये की लागत से बीओटी के आधार पर म.प्र.सड़क विकास निगम द्वारा किया गया है। इस मार्ग की लागत में एक आर.ओ.बी., एक रिवर ब्रिज, दो फ्लायओव्हर भी शामिल है।

 

उज्जैन – मक्सी मार्ग (पूर्ण)

मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम ने 36.49 कि.मी. लम्बे इस मार्ग का निर्माण 71 करोड़ 33 लाख रुपये की लागत से किया है। यह मार्ग पूर्ण हो चुका है।

हरि फाटक  ओवरब्रिज की चौथी भुजा (पूर्ण)

उज्जैन में महाकाल वन प्रोजेक्ट के अन्तर्गत तैयार की गई हरिफाटक ओवरब्रिज की चौथी भुजा का लोकार्पण गत दिनों किया गया। 10.81 करोड़ रूपये की लागत से निर्मित 430 मीटर लम्बी ब्रिज की इस भुजा से महाकाल वन प्रोजेक्ट के तहत बनाये जा रहे इंटरप्रीटेशन सेन्टर को जोड़ा गया है। इसी तरह हरिफाटक होव्हरब्रिज की तीसरी भुजा का चौड़ीकरण भी पूर्ण हो चुका है।

सिंहस्थ आयोजन के पूर्व नगर निगम चिन्हित स्थानों पर यातायात की सुविधा की दृष्टि से 50 हाईमास्ट लगाएगा।

450 बिस्तर का महिला एवं शिशु अस्पताल

उज्जैन के पुराने टीबी अस्पताल परिसर में 93.11 करोड़ रूपये की लागत से बनाये गए सात मंजिले  अस्पताल का निर्माण सिंहस्थ मद से किया गया है। इस अस्पताल में इनडोर पेशेंट हेतु 450 बेड, 1800 आऊटडोर पेशेंट की क्षमता, ऑपरेशन थिएटर, चार मेजर व एक माइनर, छह बिस्तरीय रिकवरी रूम, 10 बिस्तरीय आईसीयू, 10 बिस्तरीय हाईरिस्क वार्ड, 50 बिस्तरीय सामान्य प्रसव वार्ड का निर्माण किया जा रहा है। जबकि गत सिंहस्थ में एकमात्र माधव नगर अस्पताल का निर्माण हुआ, जिसकी लागत चार करोड़ 29 लाख रूपये थी।

लालपुल से दत्त अखाड़ा तक घाट

सिंहस्थ-2016 के लिये क्षिप्रा नदी का किनारा श्रध्दालुओं के स्नान हेतु सज संवर रहा है। क्षिप्रा के बांये किनारों पर जहां एक ओर लाल पुल से लेकर भूखी माता और भूखी माता से लेकर दत्त अखाड़ा तक विशाल घाटों का निर्माण कार्य हो गया है, वहीं दांये तट पर भी लाल पुल से लेकर नरसिंह घाट तक की खाली पड़ी जगहों पर भी घाटों का निर्माण किया गया है। अब लाल पुल पर खड़े होकर भूखी माता तक और भूखी माता से दत्त अखाड़ा तक के घाटों का विहंगम दृश्य क्षिप्रा तट की सुन्दरता में चार चांद लगा रहा है। अतिशयोक्ति नहीं कि सिंहस्थ-2016 में हरिद्वार की हर की पोढ़ी जैसे सुन्दर हमारे क्षिप्रा तट के घाट भी होंगे। इस बार पाँच किलो मीटर लम्बाई में नये घाट बनाये जा रहे हैं। जल संसाधन विभाग इन पर 159 करोड़ रूपये का व्यय करने जा रहा है। सिंहस्थ-2016 में श्रद्धालुओं के स्नान हेतु क्षिप्रा तट के दोनों किनारों पर लगभग 8 किलो मीटर लम्बाई में घाट उपलब्ध रहेंगे। इस बार 3059 मीटर नये घाटों का निर्माण किया गया है, जबकि पूर्व से उपलब्ध 4588 मीटर लम्बे घाटों की विशेष रूप से मरम्मत करते हुए उनका रख-रखाव किया गया है। इस बार कुल 37 घाट सिंहस्थ के लिये तैयार किये गए हैं।  पाँच स्टापडेमों की मरम्मत की गई है, जबकि विगत सिंहस्थ में जल संसाधन विभाग द्वारा कुल सात करोड़ रूपये खर्च कर 1500 मीटर लम्बे घाट बनवाये गये थे।

शिप्रा में नहीं मिलेगा खान का पानी

19 किलो मीटर लम्बाई में पाइप लाइन के जरिये हो रहा है खान डायवर्शन

सिंहस्थ-2016 के दौरान क्षिप्रा नदी में शुद्ध जल से स्नान हो सके, इसके लिये राज्य शासन द्वारा खान नदी डायवर्शन योजना पर काम किया जा रहा है। 19 किलो मीटर लम्बाई में ग्राम पिपल्याराघौ से निकालकर खान नदी को पाइप लाइन के जरिये कालियादेह महल के आगे क्षिप्रा नदी से जोड़ा जायेगा। इस तरह त्रिवेणी के आगे से भूखी माता, रामघाट और मंगलनाथ क्षेत्र के सभी घाटों पर क्षिप्रा नदी का शुद्ध जल प्रवाहित होगा। सम्पूर्ण योजना के लिये राज्य शासन द्वारा 90 करोड़ रूपये की राशि स्वीकृत की गई है।

 

7.75 मिलीयन गैलन (एमजीडी) के 2 जलशोधन प्लांट (पूर्ण)

सिंहस्थ -2016 के लिये गऊघाट पर छह मिलीयन गैलन (एमजीडी) जलशोधन का प्लांट छह करोड़ 17 लाख रूपये की लागत से तैयार हो गया है। इसी तरह साहिबखेड़ी पर पाँच करोड़ 90 लाख रूपये से 1.75 एमजीडी का जलशोधन प्लांट तैयार हो गया है। इस तरह 02 जलशोधन प्लांट तैयार हो गए हैं। गऊघाट के जलशोधन प्लांट से नर्मदा-क्षिप्रा लिंक से प्राप्त होने वाले पानी का शोधन कर पीने योग्य बनायेगा तथा साहिबखेड़ी जलशोधन प्लांट साहिबखेड़ी के जल को शुद्ध करेगा। वर्तमान में इस तरह के चार प्लांट पूर्व से ही कार्यरत् हैं। सिंहस्थ में उक्त प्लांट से 35 मिलीयन लीटर प्रतिदिन अतिरिक्त जल प्राप्त हो सकेगा। सिंहस्थ के लिये विकसित की जा रही इस सुविधा का लाभ आने वाले समय में उज्जैन की जनता को निरन्तर मिलता रहेगा। सिंहस्थ में शाही स्नान के दिन लोक स्वास्थ  यांत्रिकी विभाग द्वारा 162 एम.एल.डी. जल प्रदाय होगा। इसी के अनुरुप  सम्पूर्ण मेला अवधि की कार्ययोजना बनाई गई है।

नन्दी हॉल का विस्तार (पूर्ण)

महाकालेश्वर मन्दिर में आने वाले लाखों श्रध्दालुओं व दर्शनार्थियों की सुविधा के मद्देनजर नन्दी हॉल का विस्तार किया गया है। इस विस्तार से अधिक श्रध्दालु भस्मार्ती दर्शन का लाभ ले सकेंगे। नन्दी हॉल की क्षमता दो करोड़ 56 लाख रूपये व्यय कर 700 से दो हजार कर दी गई है।

धर्मशाला विस्तार व अन्य कार्य (पूर्ण)

श्री महाकालेश्वर धर्मशाला में विस्तार किया गया है। यहां पर 68 लाख 90 हजार रूपये की लागत से 12 एसी और 12 नॉनएसी कमरे बनाये गये हैं तथा भूमिगत पार्किंग की व्यवस्था की गई है। हरसिध्दि मन्दिर स्थित अतिथि गृह में आठ कमरे 55 लाख रूपये की लागत से बनाये गये हैं। इसी तरह महाकाल प्रवचन हॉल में इको ट्रीटमेंट एवं एयर कूलिंग सिस्टम लगाया गया है। श्री महाकालेश्वर मन्दिर के बाहरी एवं आन्तरिक परिसर में दर्शनार्थियों की सुविधा हेतु एलईडी लाईट भी लगाये गये हैं।

प्रमुख मन्दिरों का सौंदर्यीकरण

सिंहस्थ-2016 में आने वाले श्रध्दालुओं की सुविधा हेतु उज्जैन में प्रमुख मन्दिरों का जीर्णोध्दार व कायाकल्प देवस्थान मद से किया जा रहा है। प्रमुख रूप से मंगलनाथ मन्दिर परिसर, सान्दीपनि आश्रम में गोमती कुंड का जीर्णोध्दार व परिसर का सौंदर्यीकरण, चिन्तामन गणेश मन्दिर परिसर का सौंदर्यीकरण, भर्तृहरि गुफा व काल भैरव मन्दिर परिसर को आकर्षक व सुन्दर बनाकर वहां विजिटर्स फेसिलिटी विकसित कर दी गई है।

सिंहस्थ में ट्राफिक कंट्रोल एवं सुरक्षा व्यवस्था

पुलिस अधीक्षक के अनुसार सिंहस्थ के लिये पुलिस द्वारा ट्रैफिक कंट्रोल की डायनामिक व्यवस्था की गई है। प्रस्तावित प्रमुख तीन शाही स्नानों 22 अप्रैल, 9 मई तथा 21 मई 2016 में पार्किंग की अलग व्यवस्था रहेगी। मेला अवधि में अन्य सामान्य दिनों में अलग व्यवस्था रहेगी।

सेटेलाइट टाउन

      सिंहस्थ अवधि में सेटेलाइट टाउन बनाये जा रहे हैं, जहां पर वाहन पार्किंग, यात्रियों के लिये पानी, शौचालय व छाया की व्यवस्था की जा रही है। सभी सेटेलाइट टाउनों के लिये कुल 393 हेक्टेयर भूमि आरक्षित की गई है। सेटेलाइट टाउन इंजीनियरिंग कॉलेज, सांवराखेड़ी, सोयाबीन प्लांट देवास रोड, पंवासा मक्सी रोड, उन्हेल रोड, आगर रोड व बड़नगर रोड पर बनाये जायेंगे। शाही स्नानों के दिन इन्हीं स्थानों पर पार्किंग करवाई जायेगी।

 

 

 

आम दिनों में पार्किंग स्थल

     शाही स्नान की तिथियों को छोड़कर (मेला अवधि 22 अप्रैल से 21 मई 2016) आम दिनों में सांवराखेड़ी, लालपुल, भूखीमाता बायपास, जूना सोमवारिया, रणजीत हनुमान, कालभैरव, मंगलनाथ तथा वीर सांवरकर चौराहा पर पार्किंग की सुविधा रहेगी।

यात्री बसें यहां तक जायेंगी

     सिंहस्थ के दौरान उज्जैन शहर में आने वाली यात्री बसों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिये विभिन्न बस स्टेण्ड निर्धारित किये गये हैं वे इस प्रकार हैं :-

* मक्सी, देवास और इन्दौर रोड से आने वाली बसें नानाखेड़ा बस स्टेण्ड तक आयेंगी।

* बड़नगर रोड की बसें बड़नगर रोड सेटेलाइट टाउन तक आयेंगी।

* उन्हेल रोड से आने वाली बसें उन्हेल रोड सेटेलाइट टाउन तक आयेंगी।

* आगर रोड से आने वाली बसें आगर रोड सेटेलाइट टाउन तक आयेंगी।

1000 मैजिक व 400 मिनी बसें

     लोक परिवहन के लिये 28 रूट तय किये गये हैं। इन पर एक हजार मैजिक व चार सौ मिनी बसों का संचालन श्रद्धालुओं को लाने-ले जाने के लिये किया जायेगा। नि:शक्तजनों के लिये ई-रिक्शा महाकाल व रामघाट तक चलेंगे।

चाक-चौबन्द सुरक्षा व्यवस्था

     सिंहस्थ में पुलिस द्वारा चाक-चौबन्द सुरक्षा व्यवस्था की जायेगी। सभी प्रवेश-द्वारों पर सशस्त्र नाका चैकिंग लगाई जायेगी। सिंहस्थ क्षेत्र में प्रवेश पर वाहनों व व्यक्तियों की गणना तथा चेकिंग होगी। रेलवे स्टेशनों, हवाई पट्टी पर भी चेकिंग होगी। प्रमुख मन्दिरों की सुरक्षा, स्नान घाटों पर प्रवेश मार्गों पर तथा कोर एरिया में सशस्त्र गार्डों द्वारा निगरानी होगी। इसी के साथ अन्य धार्मिक स्थलों की सुरक्षा, एंटी टेरेरिस्ट स्क्वाड की तैनाती, घाटों व जुलूस मार्ग की ऊंचे भवनों से बायनाकुलर से निगरानी की जायेगी। इसी के साथ होटल, लॉज, ढाबों व धर्मस्थलों की जांच की जायेगी।

134 पाइंट पर लगेंगे 650 सीसीटीवी कैमरे

सिंहस्थ-2016 में सिंहस्थ क्षेत्र एवं नगरीय क्षेत्र को मिलाकर कुल 134 पाइंट पर कुल 650 सीसीटीवी कैमरे लगाये जायेंगे। यह कैमरे रातदिन क्षेत्र की गतिविधियों पर नजर रखेंगे। घाटों पर नहान के दौरान 11 स्थानों पर विशेष निगरानी हेतु कैमरे लगाये जायेंगे। सीसीटीवी कैमरे जहां एक ओर सड़कों से आ रहे ट्रैफिक पर नजर रखेंगे वहीं सेटेलाईट टाऊनों में कितने वाहन व भीड़ इकट्ठी हो रही है, इसकी पल-पल की जानकारी कंट्रोल रूम को देंगे। मेला क्षेत्र के 11 प्रवेश-द्वारों से सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से सिंहस्थ में आने वाले श्रध्दालुओं की गणना भी की जा सकेगी। पुलिस विभाग को इस बार 26 कार्यों के लिये 314 करोड़ 56 लाख रूपये की राशि स्वीकृत की गई है, जबकि विगत सिंहस्थ में 15 करोड़ 35 लाख रूपये पुलिस विभाग को आवंटित हुए थे।

51 अस्थायी थाने, 25 हजार पुलिसकर्मी

     सिंहस्थ-2016 में 51 अस्थायी थाने बनाये जा रहे हैं। मेले में 25 हजार पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई जा रही है। इनमें से अधिकांश पुलिसकर्मियों का प्रशिक्षण आयोजित हो चुका है। इसी तरह 11 पेन्टून ब्रिज शिप्रा नदी पर बनाये जाना हैं। इसके लिये केन्द्र सरकार के रक्षा विभाग से समन्वय किया जा रहा है।

कानून व्यवस्था की दृष्टि से प्रत्येक सेक्टर के साथ एक से अधिक अस्थायी थाने स्थापित किये जायेंगे। इस तरह कुल 51 अस्थायी थाने सिंहस्थ में बनाये जायेंगे। अस्थायी थाने मंगलनाथ, अंगारेश्वर, सान्दीपनि आश्रम, खाकचौक, आगर रोड सेटेलाईट टाऊन, मकोड़ियाआम, गढ़कालिका, सिध्दवट, केडी पैलेस, काल भैरव, उन्हेल रोड सेटेलाईट टाऊन, गऊघाट उत्तर, गऊघाट उत्तर द्वितीय, लाल पुल, कर्कराज, रामघाट प्रथम, रामघाट द्वितीय, महाकाल मन्दिर, हरसिध्दि, नरसिंह घाट, गोपाल मन्दिर, वाल्मिकी धाम, चिन्तामन गणेश, बड़नगर रोड सेटेलाईट टाऊन, भूखी माता प्रथम, भूखी माता द्वितीय, मुल्लापुरा, रामबाग, उजड़खेड़ा प्रथम, उजड़खेड़ा द्वितीय, कालिदास उद्यान, रणजीत हनुमान, दत्त अखाड़ा, गुरूनानक घाट, जीरो पाइन्ट, लालपुर, विक्रम नगर, भरतपुरी, पंवासा सेटेलाईट टाऊन, चामुण्डा माता, क्षीर सागर, शनि मन्दिर, राघौपिपल्या, प्रशान्तिधाम, दाऊदखेड़ी सेटेलाईट टाऊन, मित्र नगर, इंजीनियरिंग कॉलेज सेटेलाईट टाऊन, हरिफाटक, गऊघाट दक्षिण प्रथम, गऊघाट दक्षिण द्वितीय, गऊघाट यंत्र महल के पास अस्थायी थाने स्थापित होंगे।

विद्युत विभाग – 400 ट्रासफार्मर 7 हजार पोल

विद्युत वितरण कंपनी सिंहस्थ क्षेत्र में लगने वाले अखाड़ों एवं आश्रमों को विद्युत कनेक्शन देने के साथ ऐसे उपकरण लगायेगी, जिससे क्षमता से अधिक बिजली ड्रॉ करने पर ऑटोमेटिक बिजली कनेक्शन ट्रिप हो जाए। इससे ओव्हर लोडिंग, शार्ट सर्किट आदि की समस्या से सुरक्षा मिलेगी। सिंहस्थ मेला क्षेत्र में अस्थायी रूप से 7 हजार से अधिक विद्युत पोल लगाये जायेंगे एवं मेला क्षेत्र में खुली केबल के स्थान पर एलटी केबल का उपयोग किया जा रहा है। लगभग 400 छोटे ट्रांसफार्मर से विद्युत वितरण किया जायेगा। इस हेतु विद्युत वितरण कंपनी को 101 करोड़ रूपये स्वीकृत किये गये हैं, जबकि गत सिंहस्थ में 15 करोड़ 53 लाख रूपये विद्युत व्यवस्था के लिये दिये गये थे। मेला क्षेत्र में बिजली जाने पर 3 से 5 मिनट का रिस्पांस टाईम नियत किया गया है।

34 हजार शौचालय बनेंगे

स्वच्छता के लिये 117 करोड़ रूपये

मेला क्षेत्र में 34 हजार शौचालय 15 हजार स्नानघर, 10 हजार मूत्रालय बनाये जायेंगे। शहरी क्षेत्र से प्रतिदिन 300 मै.टन कचरा तथा मेला क्षेत्र में प्रतिदिन एक हजार से बारह सौ मै.टन कचरा तथा स्नान के दिनों के लिये दो से ढाई हजार मै.टन कचरा उठाने के लिये व्यापक बन्दोबस्त किये जा रहे हैं। इस तरह स्वच्छता के लिये कुल 117 करोड़ रूपये की कार्य योजना तैयार की गई है। कचरा ढोने वाले बड़े वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगाया जायेगा।

 

शहरी क्षेत्र एवं मेला क्षेत्र के लिये जलालखेड़ी में दो एकड़ तथा एमआर-5 पर दो एकड़ क्षेत्र में ट्रांसफर स्टेशन बनाये जायेंगे। मेला क्षेत्र की साफ-सफाई के लिये व्यापक कार्य योजना बनाई गई है। इसके अन्तर्गत प्राथमिक कचरा संग्रहण हेतु नौ करोड़ 46 लाख रूपये, कचरे के द्वितीय संग्रहण एवं परिवहन के लिये 24 करोड़ 89 लाख रूपये, ट्रांसफर स्टेशन वाहन के लिये नौ करोड़ 84 लाख रूपये, जीपीएस सिस्टम के लिये 50 लाख रूपये, कचरा एकत्रीकरण एवं परिवहन के लिये 12 करोड़ रूपये, मेला एवं सेटेलाईट टाऊन की सफाई हेतु 10 करोड़ रूपये की कार्य योजना तैयार की गई है।

20 फॉगिंग मशीन, 220 हैण्ड स्प्रे

शहरी एवं मेला क्षेत्र में सिंहस्थ मेला अवधि के दौरान मच्छरों को भगाने की व्यवस्था के लिये शहरी क्षेत्र के लिये 10 फॉगिंग मशीन एवं मेला क्षेत्र एवं सेटेलाईट क्षेत्र के लिये 10 फॉगिंग मशीन कार्यशील रहेगी। इसी तरह 220 हैण्ड स्प्रे मशीन शहरी क्षेत्र में, 230 स्प्रे मशीन सेटेलाईट टाऊन एवं मेला क्षेत्र के लिये तथा 30 मास्किटो किलिंग मशीनों का उपयोग किया जाएगा।

नगर निगम के संसाधन

नगर एवं मेला क्षेत्र की सफाई के लिये नगर निगम को अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराये गए हैं। मेला क्षेत्र में सफाई हेतु 85 बड़े कचरा कंटेनर, 502 छोटे कचरा कंटेनर, 1185 डस्टबीन, 400 हाथठेले, 700 हेण्डकार्ट, 60 मैजिक, 20 डम्पर प्लेजर, 20 बड़े डम्पर, 12 जेसीबी, 30 डम्पर स्लेसर, 7 कॉम्पेक्टर, 17 मूवेबल कम्पेक्टर एवं 8 मूवेबल कम्पेक्टर कंटेनर व्हीकल कार्यशील रहेंगे। इसी तरह नगरीय क्षेत्र की साफ-सफाई के लिये 270 बड़े कचरा कंटेनर, 270 छोटे कंटेनर, 540 डस्टबीन, 486 ठेला, 432 हेण्डकार्ट, 40 मैजिक, 20 डम्पर प्लेजर, 10 टीपर, 5 सीवर क्लिनिंग मशीन, 5 जेसीबी, 5 ट्रेक्टर ट्रॉली हाइड्रोलिक मशीन लगाने का प्रावधान है

550 मेडिकल आफिसर तैनात होंगे

दो हजार से अधिक स्वास्थ्यकर्मी डयूटी करेंगे

सिंहस्थ-2016 के लिये झोन एवं सेक्टरवार स्वास्थ्य विभाग द्वारा कार्य योजना तैयार की गई है। 550 मेडिकल आफिसर तैनात किये जायेंगे। इसी के साथ प्रत्येक झोन प्रभारी एक-एक सीएमएचओ होगा। यही नहीं 979 पैरामेडिकल स्टाफ भी लगाया जायेगा। इस तरह सिंहस्थ में अन्य कर्मचारियों सहित कुल 2091 स्वास्थ्यकर्मी अपनी सेवाएं देंगे।

सिंहस्थ की तैयारियों के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक कार्य योजना तैयार की गई है। क्षिप्रा नदी के किनारे स्थित समस्त प्रमुख घाटों पर प्राथमिक उपचार की सुविधा से सुसज्जित 10 मेडिकल टीम तैनात रहेगी। आपात स्थिति में यह टीम सम्बन्धितों को तत्काल प्राथमिक उपचार प्रदान कर नजदीकी अस्थायी चिकित्सालय के लिये रैफर करेंगे। इसके अतिरिक्त सभी सेक्टरों एवं सेटेलाईट टाऊन पर छह बेड की अस्थायी डिसपेंसरी मय रोगी वाहन, मानव संसाधन उपकरण आदि से सुसज्जित स्थापित की जायेगी। मेला क्षेत्र के आसपास एवं शहर के कुल आठ शासकीय एवं निजी चिकित्सालयों को बेस हास्पिटल के रूप में स्थापित किया जाकर अतिरिक्त पलंगों की व्यवस्था की जायेगी। साथ ही शहर में संचालित नौ स्थायी डिस्पेंसरियों में भी समुचित चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराई जाना सुनिश्चित किया गया है। प्रत्येक दो झोन पर एक एपिडिमियोलॉजिस्ट की तैनाती भी होगी।

इसी तरह प्रत्येक झोन में एक 20 बेडेड अस्थायी हास्पिटल, एक मोबाईल डिस्पेंसरी, 10 प्राथमिक उपचार दल, 13 खाद्य सुरक्षा अधिकारी व छह जिला मलेरिया अधिकारी की तैनाती होगी। अस्थायी चिकित्सालय, डिस्पेंसरियां चौबीस घंटे चालू रहेंगी तथा उनके लिये स्वीकृत अमले की उपस्थिति, आवश्यक औषधियां, उपकरण, औजार, रोगी वाहन आदि की तैनाती होगी।

मलेरिया नियंत्रण के लिये पृथक से अमला

मच्छरों से होने वाली बीमारियों से बचाव के लिये स्वास्थ्य विभाग द्वारा पृथक से अमला तैनात किया जायेगा, जिसमें प्रत्येक झोन में एक-एक जिला मलेरिया अधिकारी, प्रत्येक झोन में छह-छह मलेरिया निरीक्षक, दो-दो लेब टेक्नीशियन, 18-18 हेल्थ सुपरवाईजर, 80-80 मलेरिया वर्कर, दो-दो किट संग्रहक, 12-12 सुपीरियर फील्ड वर्कर व 60-60 फील्ड वर्कर इस तरह कुल 984 शासकीय सेवक इस काम के लिये लगाये जायेंगे।

 

 

 

मोबाईल एप तैयार

इमरजेंसी बटन भी

सिंहस्थ-2016 के आयोजन में आईटी की महती भूमिका रहेगी। सेटेलाईट टाऊन से लेकर सिंहस्थ क्षेत्र तक कनेक्टिविटी उपलब्ध रहेगी। साथ ही एक मोबाईल एप भी तैयार किया जा रहा है, जिसमें सिंहस्थ के पर्व स्नानों की जानकारी, अखाड़ों की जानकारी, दर्शनीय स्थलों की जानकारी, उनके नक्शे आदि तो रहेंगे ही, महिलाओं की सुरक्षा के लिये एक नया इमरजेंसी बटन भी इसमें डाला जायेगा, जिससे आपात स्थिति में इस बटन को दबाने से उनकी लोकेशन व फोन नम्बर सीधे सुरक्षा में लगी एजेन्सी को पहुंच जायेगा और त्वरित रूप से उनको सहायता पहुंचाई जा सकेगी। मोबाईल एप में सम्पूर्ण मेला क्षेत्र की प्रतिदिन की, प्रति सप्ताह की व पूरे माह की गतिविधियां भी दर्शाई जायेंगी, जिससे श्रध्दालु अपने मनचाहे स्थान पर जाकर प्रवचनों व अन्य धार्मिक गतिविधियों में शामिल हो सकेंगे।

वर्तमान में सिंहस्थ की वेब साइट लांच कर दी गई है। इसमें सिंहस्थ से सम्बन्धित सभी जानकारी है। अखाड़ों की जानकारी, उज्जैन के मन्दिरों की जानकारी, उज्जैन में रूकने के लिये होटल लॉज, धर्मशाला आदि के सम्बन्ध में भी जानकारी इस वेब साइट पर उपलब्ध है। वेब साइट पर विभिन्न विभागों द्वारा सिंहस्थ के लिये किये जा रहे कार्यों की अद्यतन जानकारी भी आमजन के लिये उपलब्ध कराई गई है। इसमें स्वीकृत हो चुके कार्य, प्रगतिरत् कार्य व प्रस्तावित कार्यों की जानकारी उपलब्ध करवाई गई है।

मेला क्षेत्र का 50 लेयर का

जीआईएस मेप तैयार

सिंहस्थ मेला क्षेत्र के लिये डिजिटल जीआईएस मेप तैयार किया गया है। यह मेप 50 लेयर में है। जीआईएस मेप से मेला कार्यालय में मेला क्षेत्र की मॉनीटरिंग अधिक सुगम होगी।

जीआईएस मेप में एक क्लिक पर यह स्पष्ट हो रहा है कि पार्किंग स्लॉट झोन में किस स्थान पर है, फ्लेग स्टेशनों पर क्या-क्या सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसी तरह ट्रेफिक प्लान, होल्डअप, घाट होल्डअप, एप्रोच रोड, पेशवाई मार्ग, बिजली सप्लाय, ड्रेनेज, हेल्प काउंटर्स, एटीएम, वाटर सप्लाय आदि के बारे में भी जानकारी तुरन्त झोनवार, सेक्टरवार स्क्रीन पर आ जायेगी। यही नहीं सर्विस प्रोवाइडरों एवं कॉन्ट्रेक्टरों, प्रभारी शासकीय अधिकारी-कर्मचारी आदि के मोबाईल नम्बर भी नक्शे के साथ-साथ अटैच किये जायेंगे, जिससे जिस सेक्टर में भी किसी भी सेवा की कमी पाई जाती है तो तुरन्त उसका निदान किया जा सकेगा।

 

 

जीआईएस की सहायता से मेला क्षेत्र की प्लानिंग

जियोग्राफिक इंफॉर्मेशन सिस्टम (जीआईएस) तकनीक के माध्यम से स्मार्ट सिंहस्थ की व्यवस्था की गई है। इसमें यह प्लानिंग की गई है कि कहां से रोड निकलेंगे, कहां ड्रेनेज होगा, कहां से पीने के पानी की पाईप लाईन गुजरेगी व इलेक्ट्रिक लाईन कहां रहेगी। यह सब मल्टीलेयर में मेप पर उपलब्ध है। सम्पूर्ण मेला क्षेत्र को एक टाऊनशिप के रुप में वितसित किया गया है।

पोर्टल तैयार होगा

सिंहस्थ-2016 की व्यवस्था के लिये सिंहस्थ का पोर्टल भी बनाया जा रहा है। यह पोर्टल डेस्कटॉप, लेपटॉप एवं मोबाईल पर भी चलेगा। इस पोर्टल के माध्यम से सिंहस्थ में तैनात किये जाने वाले लगभग एक लाख कर्मचारियों का मैनेजमेंट किया जायेगा। पोर्टल में किस सेक्टर में कौन व्यक्ति कार्यरत् है व उसके दायित्व क्या हैं आदि जानकारी प्रबंध करने वाले अधिकारियों को एक क्लीक पर उपलब्ध होगी। पोर्टल के माध्यम से कार्यरत् अधिकारियों को दिशा-निर्देश, आदेश आदि प्रसारित किये जाते रहेंगे और रिपोर्टिंग की मॉनीटरिंग भी होती रहेगी।

हेल्प सेन्टर

सम्पूर्ण मेला क्षेत्र में आईटी बेस्ड हेल्प सेन्टर खोले जायेंगे। इस सेन्टर से आमजन जहां उसकी जरूरत की सूचनाएं प्राप्त कर सकेगा वहीं दूसरी ओर पोर्टल से सम्बन्धित कार्यवाही भी सर्विस प्रोवाइडर द्वारा की जा सकेगी। इस हेल्प सेन्टर से पानी, बिजली, दूध आदि की आपूर्ति के सम्बन्ध में शिकायतें भी दर्ज होंगी और उनका निराकरण भी त्वरित किया जायेगा।

अस्थायी राशन कार्ड जारी होंगे

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा सिंहस्थ आयोजन के लिये खाद्य एवं अन्य रसद सामग्री समुचित मात्रा में उपलब्ध कराये जाने की कार्य योजना तैयार कर ली गई है। विभाग सिंहस्थ मेला प्रारम्भ होने के पूर्व साधु-सन्तों को आवंटित भूमि/पड़ाव के सत्यापन के बाद अस्थायी राशन कार्ड बनाने एवं जारी करने की व्यवस्था करेगा। इसके बाद प्रत्येक झोन में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के माध्यम से खाद्यान्न, एलपीजी, किराना, दूध, फल, फूल, लकड़ी, कंडे आदि की वितरण व्यवस्था  पर सतत् निगरानी रखेगा। इस कार्य के लिये संभागायुक्त के निर्देश अनुसार उपभोक्ता सेवाएं उपलब्ध कराने के लिये आईटी बेस्ड हेल्प सेन्टरों की सहायता भी ली जायेगी।

 

     मेला अवधि के लिये अस्थायी गैस कनेक्शन भी जारी किये जायेंगे और एजेन्सी पर एलपीजी सिलेण्डरों का प्रतिदिन आवश्यकता के मान से संग्रहण किया जायेगा। ऑइल कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों के समन्वय से सुरक्षा उपकरण एवं सभी अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जायेंगी। यही नहीं उचित मूल्य दुकानों पर आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में निरन्तरता बनाये रखने के लिये वाहनों के मूवमेंट का विशेष ध्यान रखा जायेगा। दुकानों के बाहर एवं भीतर स्टॉक, भावसूची आदि प्रदर्शित करने के लिये बोर्ड रहेगा।

     खाद्य विभाग द्वारा कुल 04 झोन के प्रत्येक सेक्टर में 02 से 03 उचित मूल्य की दुकानें स्थापित की जा रही हैं।

पेट्रोल एवं डीजल की व्यवस्था

खाद्य विभाग द्वारा तैयार किये गये आंकलन के अनुसार वर्तमान में उज्जैन शहर में प्रतिदिन 56 हजार लीटर पेट्रोल एवं 76 हजार लीटर डीजल की खपत हो रही है। सिंहस्थ के दौरान अतिरिक्त 76 हजार लीटर पेट्रोल और 90 हजार लीटर डीजल की आवश्यकता का आंकलन किया गया है। इस तरह प्रतिदिन कुल एक लाख 32 हजार लीटर पेट्रोल और एक लाख 66 हजार लीटर डीजल की आवश्यकता होगी। इसकी आपूर्ति के लिये इन्दौर रोड, बड़नगर रोड, मक्सी रोड, उन्हेल-नागदा रोड, आगर रोड और देवास रोड पर स्थित पेट्रोल पम्पों से व्यवस्था की जाएगी।  

पर्याप्त दुग्ध एवं दुग्ध पदार्थ

सिंहस्थ में आने वाले लाखों श्रध्दालुओं के लिये दुग्ध संघ द्वारा दूध, घी, नमकीन मट्ठा, दही, सुगंधित दूध, श्रीखंड, लस्सी, पनीर, सादी छाछ, मावा, पेड़ा आदि दुग्ध उत्पादों का भण्डारण कर विक्रय किया जायेगा। उज्जैन दुग्ध संघ पहली बार सिंहस्थ में पनीर,  मावा, पेड़ा, मिल्क केक श्रध्दालुओं को उपलब्ध करवायेगा। इस कार्य के लिये आवश्यक अतिरिक्त मशीनरी संघ में स्थापित की गई है। सिंहस्थ के दौरान उज्जैन दुग्ध संघ का आंकलन है कि प्रतिदिन सामान्य दिनों में 60 हजार लीटर और शाही स्नान के दिनों में एक लाख लीटर दूध का विक्रय होगा।

आपदा प्रबंधन के व्यापक इंतजाम

       सिंहस्थ का आयोजन ग्रीष्म ऋतु में होता है। इस कारण आगजनी की घटनाओं पर नियंत्रण रखना आवश्यक होता है। इस बार ऐसी घटनाओं को रोकने के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मेला क्षेत्र में बनने वाले पंडालों में पाईप एवं टीन का उपयोग बहुतायत में किया जाएगा। शार्टसर्किट रोकने के लिए बिजली के तारों के स्थान पर केबल्स का प्रयोग किया गया है। भोजनशालाओं और यज्ञ शालाओं पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। प्रत्येक सेक्टर में फायरब्रिगेड की तैनानी होगी। फायर ब्रिगेड के अमले को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। इसी के साथ घाटों पर फिसलन रोकने के लिए साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाएगा। सिंहस्थ के दौरान तैनात किए जाने वाले अधिकारी एवं कर्मचारियों को भी आपदा प्रबंधन के लिए प्रशिक्षित किया गया है।

प्रत्येक श्रद्धालु का 2 लाख रूपये का दुर्घटना बीमा

स्थायी निवासी भी बीमा कवर में

सिंहस्थ-2016 के लिये मेला कार्यालय द्वारा मेले में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु का दुर्घटना बीमा कराया गया है। यह बीमा 2 लाख रूपये का है। इसी तरह मेला क्षेत्र में सेवा देने वाले शासकीय कर्मियों का 5 लाख रूपये का दुर्घटना बीमा कराया गया है। बीमा कंपनी को बीमा के लिये एक करोड़ 76 लाख रूपये का प्रीमियम मेला कार्यालय द्वारा दिया गया है। सिंहस्थ में आने वाले 5 करोड़ श्रद्धालुओं के साथ-साथ उज्जैन शहर के स्थायी निवासियों को भी दुर्घटना बीमा के कवरेज में शामिल किया गया है।

          सिंहस्थ-2016 के दौरान किये जाने वाले दुर्घटना बीमा की समयावधि 8 अप्रैल 2016 से 6 जून 2016 तक निश्चित की गई है। इस अवधि में आने वाले श्रद्धालु एवं स्थानीय निवासियों की दुर्घटना से मृत्यु होने पर 2 लाख रूपये की बीमा राशि बीमा कंपनी द्वारा सम्बन्धित बीमित व्यक्ति के परिजनों को दी जायेगी। दुर्घटना होने की स्थिति में सभी आवश्यक कागजी कार्यवाही मेला कार्यालय द्वारा सम्पन्न करवाई जायेगी तथा इसके लिये न्यूनतम दस्तावेजों की आवश्यकता सुनिश्चित की गई है। जिसमें मृत्यु प्रमाण-पत्र, एफआईआर की छायाप्रति व पोस्ट मार्टम रिपोर्ट शामिल है।

     दुर्घटना बीमा सम्पूर्ण मेला क्षेत्र के साथ-साथ पंचक्रोशी यात्रा के दौरान सम्पूर्ण यात्रा मार्ग को कवर करेगा। इसमें सिंहस्थ के लिये नोटिफाइड क्षेत्र, उज्जैन नगर निगम क्षेत्र, पड़ाव क्षेत्र, सेटेलाइट टाउन क्षेत्र, पार्किंग क्षेत्र, फ्लेग स्टेशन्स, मेला क्षेत्र में आने वाले एप्रोच रोड शामिल होंगे। मेला क्षेत्र में आने वाले सभी श्रद्धालु, नोटिफाइड एरिया में रहने वाले सभी उज्जैन निवासी, शासकीय कर्मचारी व शासकीय सम्पत्तियां शामिल होंगी। इसी तरह बीमा कवर में शासकीय सम्पत्तियां व किराये पर ली गई सम्पत्तियों का आपदा व आग के कारण खराब होने की स्थिति के लिये बीमा किया गया है।

मेला कार्यालय द्वारा मेले के दौरान आमजन की ओर से सम्पत्ति को नुकसान होने की स्थिति में दायर किये जाने वाले दावों के निपटान के लिये 100 करोड़ का बीमा पृथक से करवाया गया है। इसमें 50 करोड़ रूपये तक किसी एक घटना के लिये व 100 करोड़ रूपये का बीमा पृथक-पृथक घटनाओं पर होने वाले दावों के लिये करवाया गया है।

कैशलेस होगा मेला क्षेत्र

डेबिट कार्ड जारी

सिंहस्थ-2016 को कैशलेस बनाने की तैयारी सभी राष्ट्रीयकृत एवं निजी बैंकों द्वारा की गई है। बैंकों द्वारा सिंहस्थ के दौरान सिंहस्थ डेबिट कार्ड जारी किये गए हैं। साथ ही सौ से ज्यादा एटीएम मेला क्षेत्र में स्थापित किये जायेंगे। राष्ट्रीयकृत एवं निजी बैंक अपनी वेब साइट पर सिंहस्थ से सम्बन्धित प्रचार कर सम्पूर्ण देश के श्रद्धालुओं को सिंहस्थ में आकर उनके डेबिट कार्ड के उपयोग करने का आमंत्रण देंगे। बैंकों द्वारा अपनी शाखाओं में सिंहस्थ के पोस्टर लगाये जायेंगे। साथ ही जिन निजी बैंकों में एलईडी मॉनीटर लगे हुए हैं उन पर भी सिंहस्थ एवं डेबिट कार्ड सम्बन्धित जानकारी का प्रचारप्रसार होगा।इस क्रम में आई.डी.बी.आई. द्वारा सबसे पहले सिंहस्थ डेबिट कार्ड जारी किया गया है।

     सिंहस्थ कुंभ महापर्व में लगभग पांच करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है और इसी अनुपात में लोग बैंकिंग सुविधा का उपयोग करेंगे। साथ ही तेरह अखाड़ों द्वारा किये जाने वाले लेन-देन के लिये बैंकों द्वारा पिक एण्ड ड्रॉप फेसिलिटी उपलब्ध कराई जाएगी। सिंहस्थ को कैशलेस बनाने के लिये अधिक से अधिक डेबिट कार्डस् स्वाइप मशीन, कियोस्क का उपयोग होगा।

ग्रीन सिंहस्थ : लगभग पौने दो लाख पौधों का रोपण

सिंहस्थ 2016 ग्रीन सिंहस्थ के रूप में भी आयोजित हो रहा है। वन विभाग द्वारा वर्ष 2013-14 से लेकर अब तक पौने दो लाख पौधों का रोपण किया गया है। पचंक्रोशी मार्ग, सिंहस्थ क्षेत्र तथा उज्जैन शहर में सड़क के दोनों ओर पौधा रोपण किया गया है। शिप्रा नदी के किनारे पौधारोपण जारी है।

क्षिप्रा के किनारे लालपुल के समीप भूखी माता के सामने 600 मीटर क्षेत्र में औषधी पौधों का रोपण किया गया है। सुनहरी घाट, वाल्मिकी घाट के पास और त्रिवेणी घाट पर भी पौधा रोपण हुआ है। यहाँ बड़, पीपल, करन्ज, बांस इत्यादि प्रजातियों के पौधें लगाए गए हैं।

वन विभाग ने वर्ष 2015 में 70 हजार पौधे उज्जैन शहर में लगाए हैं। इनमें फूलदार पौधों के अलावा छायादार पौधे भी शामिल हैं। पंचक्रोशी मार्गों पर वर्ष 2013-14 में 46000 पौधे 44 कि.मी. क्षेत्र में रोपित किए गए तथा वर्ष 2014-15 में 10000 पौधे पंचक्रोशी मार्गों पर लगाए गए । वर्ष 2015-16 में 5 हजार 308 पौधे पंचक्रोशी क्षेत्र में अतिरिक्त रूप से रोपित किए गये है।

 

सिंहस्थ कॉल सेंटर : डायल 1100

 

सिंहस्थ मेला कार्यालय परिसर में 11 जनवरी 2016 से कॉल सेंटर शुरु किया गया है। सिंहस्थ का यह पहला कॉल सेंटर है। कोई भी व्यक्ति कार्यालयीन समय में अपने मोबाइल या लेण्डलाइन से 1100 डायल करके सिंहस्थ संबंधी जानकारी हासिल कर सकता है। कॉल सेंटर एक समय में 10 व्यक्तियों को सिंहस्थ संबंधी जानकारी दे सकता है। मेला अवधि में यह 25 व्यक्तियों को एक समय में जानकारी देने में सक्षम होगा। कॉल सेंटर से सिंहस्थ मेला क्षेत्र, यातायात व्यवस्था, झोन, सेक्टर, विभागीय कार्य आदि समस्त जानकारी दी जाएगी।  

पारदर्शिता के लिये सेल्फ डिस्क्लोजर की व्यवस्था

सिंहस्थ-2016 के विभिन्न निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाये रखने एवं आम आदमी को इसकी जानकारी देने के लिये सभी निर्माण कार्यों के स्थलों पर सूचना-पटल लगाकर निर्माण कार्यों की स्वीकृति, पूर्ण होने की तिथि, लागत आदि का डिस्प्ले अनिवार्य रूप से किया गया है। साथ ही कार्य करने वाली एजेन्सी का नाम भी वहां लिखा गया है। इसी के साथ संभागायुक्त के निर्देश पर सेल्फ डिस्क्लोजर करते हुए सभी विभाग निर्माण कार्यों के होने वाले भुगतान की जानकारी प्रत्येक भुगतान पर जनसम्पर्क विभाग को उपलब्ध कराते हैं, जहां से समाचार के माध्यम से उक्त जानकारी समाचार-पत्रों में प्रकाशित होती है। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता के लिये थर्डपार्टी इंस्पेक्शन की व्यवस्था भी की गई है। साथ ही सभी निर्माण कार्यों का परीक्षण प्रदेश के मुख्य तकनीकी परीक्षक से कराने के आदेश भी जारी किये गये हैं।

वैचारिक कुम्भ आयोजित होगा

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी शिरकत करेंगे

सिंहस्थ मेले के दौरान वैचारिक कुम्भ आयोजित किया जायेगा। इसमें प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी शामिल होकर सम्बोधित करेंगे। वैचारिक कुम्भ  के लिये स्थान चयन के उद्देश्य से प्रदेश के मुख्य सचिव श्री अन्टोनी डिसा ने उज्जैन के निकट निनौरा ग्राम की 87 हेक्टे. भूमि को प्राथमिक रूप से चयनित कर लिया है। यहां पर देश-विदेश के धर्म-मर्मज्ञ एकत्रित होंगे।

 

 

 

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सिंहस्थ की तैयारियाँ /14/सिंहस्थ/15.03.2016